रायपुर। छत्तीसगढ़ बंद के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रायपुर के मैग्नेटो मॉल में हंगामा किया और तोडफ़ोड़ की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ स्नढ्ढक्र दर्ज की है। विरोध में बजरंग दल ने तेलीबांधा पुलिस स्टेशन के सामने चक्काजाम कर दिया है। बजरंग दल ने सडक़ पर हवन कर विरोध जताया। वहीं बजरंग दल के प्रदर्शनकारियों का पिछले 6 घंटे से विरोध प्रदर्शन जारी है। बजरंग दल के कार्यकर्ता चूल्हा और राशन लेकर आए हैं। तेलीबांधा थाने के सामने सडक़ पर टेंट लगा कर बैठे हैं। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। अलग-अलग तरीके से विरोध जता रहे हैं।
मौके पर 2 एएसपी 4 सीएसपी और 12 से ज्यादा थाना प्रभारी समेत अतिरिक्त बल मौजूद हैं। मंदिर हसौद और एयरपोर्ट से रायपुर शहर की ओर आने वाले ट्रैफिक को तेलीबांधा चौक के पास नेशनल हाईवे की ओर डायवर्ट कर दिया गया है। वहीं बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा कि उन्होंने मॉल में तोडफ़ोड़ नहीं की। सजावट को हुए नुकसान पर इतना बड़ा एक्शन लेना गलत है। वे इसका विरोध कर रहे हैं। आज का विरोध प्रदर्शन उनकी योजना का हिस्सा था। हम उस पुलिस स्टेशन को घेर रहे हैं, जहां स्नढ्ढक्र दर्ज की गई है।
बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा कि मॉल में तोडफ़ोड़ की शिकायत के बाद उनके कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जबकि कांकेर में 800 लोगों ने उनके 25 हिंदू भाइयों पर हमला किया और उन्हें पीटा। अगर पुलिस चाहती तो आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती थी उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई की होती तो छत्तीसगढ़ बंद नहीं होता। इस तरह की घटना नहीं होती। भले ही चैंबर ऑफ कॉमर्स ने हड़ताल का आह्वान किया था, लेकिन मॉल मालिकों ने बजरंग दल को भडक़ाने के लिए सांता क्लॉज की मूर्ति लगाई। बाइबिल में कहीं भी सांता क्लॉज का जिक्र नहीं है।
दरअसल, क्रिसमस से एक दिन पहले 24 दिसंबर छत्तीसगढ़ बंद के दौरान रायपुर के मैग्नेटो मॉल में जमकर हंगामा और तोडफ़ोड़ हुई। आरोप है कि बजरंग दल के 30-40 कार्यकर्ता लाठी-डंडे लेकर मॉल के अंदर घुसे। मॉल कर्मचारियों से धर्म और जाति पूछकर सामानों में तोडफ़ोड़ की गई।
मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड आभा गुप्ता ने बताया कि मॉल पूरी तरह बंद था। उन्होंने बंद का समर्थन भी किया था। इसके बावजूद 50 से 100 लोग जबरदस्ती मॉल में घुस आए। उनके हाथों में लाठी, हॉकी स्टिक थे। मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड ने बताया कि वे कर्मचारियों और मौजूद लोगों से पूछ रहे थे ‘आप हिंदू हो या क्रिश्चियन? आपकी जाति क्या है?’ यहां तक कि आईडी कार्ड और बैच देखकर सवाल किए जा रहे थे। मार्केटिंग हेड के मुताबिक, वो लोग अग्रेसिव थे, डर था कहीं किसी को मार ना दे। यहां मौजूद कई स्टाफ रोने भी लगे थे। पुलिस के पहुंचने से पहले काफी चीजें डैमेज हो गई थीं। सब से कास्ट पूछ रहे थे। लग रहा था कि मार ही देंगे। इस तोडफ़ोड़ में मॉल को करीब 15 से 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि नुकसान से ज्यादा डर का माहौल बना। ऐसा लग रहा था कि हालात और बिगड़ सकते हैं। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक कई चीजें तोड़ी जा चुकी थीं।
रायपुर मैग्नेटो मॉल में तोडफ़ोड़ : बजरंग दल का चक्काजाम
तेलीबांधा थाने के सामने लगाया टेंट, चूल्हे-राशन लेकर आए, ट्रैफिक डायवर्ट



