रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के भाषण वाले वीडियो से छेड़छाड़ कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने के मामले में सियासत गरमा गई है। भाजपा ने इस घटना को कांग्रेस की ‘निम्न स्तरीय राजनीति’ करार देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास मुद्दों का अभाव है, इसलिए वह अब एडिटेड वीडियो बनाकर भ्रामक प्रचार करने में जुट गई है।
रायपुर शहर जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को एसपी ऑफिस पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने पुलिस को बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 2 दिसंबर को रायगढ़ के बोईरदादर में आयोजित सामाजिक सम्मेलन में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में उन्होंने किसानों और आदिवासी समाज को लेकर कहा था कि भविष्य में यदि आदिवासी समाज के बेटे-बेटियां उद्योग-धंधे शुरू करना चाहें तो उन्हें एक रुपए प्रति एकड़ की दर से जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। भाजपा का आरोप है कि रायगढ़ निवासी मनीषा गोंड ने मुख्यमंत्री के इसी भाषण को एडिट किया, उसमें गलत तथ्य जोड़े और वीडियो में छेड़छाड़ कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके कारण जनता के बीच भ्रम फैलने लगा।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के भाषण से छेड़छाड़ कर बनाया गया वीडियो ‘भूपेश है तो भरोसा है’ फेसबुक पेज पर भी पोस्ट किया गया है। पार्टी का कहना है कि इस तरह के भ्रामक वीडियो से किसानों, आदिवासियों और प्रदेश की आम जनता की भावनाओं को ठेस पहुंची है। भाजपा का आरोप है कि यह मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने की एक सुनियोजित राजनीतिक कोशिश है। भाजपा ने साफ कहा कि यह कृत्य सिर्फ नैतिक रूप से ही नहीं, बल्कि कानूनी रूप से भी अपराध है और आईटी एक्ट तथा भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
फर्जी वीडियो से जनता को गुमराह करने का आरोप
रायपुर शहर जिलाध्यक्ष रमेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है, लेकिन कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। इसलिए वह इस तरह के भ्रामक, फर्जी और एडिटेड वीडियो बनाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह हरकत लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और जनता सब देख रही है।
एसपी आफिस पहुंचे भाजपा नेता
शिकायत दर्ज कराने के दौरान एसपी कार्यालय में बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें बृजेश पांडेय, अमित चिमनानी, शताब्दी पांडेय, डॉ. किरण बघेल, रिसिराज पिठवा, अंजनेश शुक्ला, अमित मैशरी, गुंजन प्रजापति, सत्यम दुवा, अकबर अली, नवीन शर्मा, शिवजलम दुबे, पुष्पेंद्र उपाध्याय, राजकुमार राठी, अर्पित सूर्यवंशी, वंदना राठौर, वासु शर्मा और रविन्द्र सिंह शामिल थे।
सीएम साय के वीडियो से छेड़छाड़
भाजपा ने ‘भूपेश है तो भरोसा है’ पेज पर की एफआईआर की मांग



