घरघोड़ा। खरीफ सीजन से पहले खाद, बीज और डीजल की बढ़ती समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने घरघोड़ा तहसील कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते कृषि आदानों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले समय में किसान बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन में कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और देश में उत्पन्न संकट को किसान समाज गंभीरता से समझ रहा है। अन्नदाता होने के नाते किसानों पर पूरे देश का पेट भरने की जिम्मेदारी है, लेकिन फसल उत्पादन के लिए खाद, बीज और डीजल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि खाद की कमी बनी रही तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। संघ ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार खाद की कालाबाजारी हो रही है और सरकार इसे रोकने में विफल रही है।
किसानों ने कहा कि हर वर्ष खाद संकट और अधिक कीमत वसूली की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से किसान परेशान हैं। ज्ञापन में भारतीय किसान संघ ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। किसानों ने समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने, प्रति एकड़ एक बोरी डीएपी और दो बोरी यूरिया देने, निजी खाद विक्रेताओं द्वारा सही मूल्य पर खाद वितरण सुनिश्चित करने तथा अधिक कीमत वसूलने वालों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
इसके साथ ही एग्रीस्टैक में पंजीकृत किसानों को समितियों में नगद भुगतान पर खाद उपलब्ध कराने, गुणवत्तापूर्ण बीजों का पर्याप्त भंडारण करने और हरी खाद के लिए ढैंचा, सन एवं मूंग के बीज सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
किसान संघ ने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया को लेकर भी चिंता जताई। संघ का कहना है कि किसानों को इन उर्वरकों के उपयोग की पर्याप्त जानकारी नहीं है और वर्षा के प्रति संवेदनशील होने के कारण इनके विफल होने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए इनकी कीमत कम कर मात्रा बढ़ाई जाए तथा इसका उपयोग ऐच्छिक रखा जाए।इसके अलावा किसानों ने कृषि कार्यों के लिए डीजल को कंटेनर और जेरीकैन में उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
खाद, बीज व डीजल संकट पर भडक़े किसान
भारतीय किसान संघ ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, कहा - किसान हितों से समझौता हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन



