रायगढ़। प्रकृति ने बीती रात से बरसाए झमाझम जलधाराओं ने धरमजयगढ़ अंचल को मानो जलराशि के घेरे में ले लिया है। गाँव-गाँव में बहते नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। ग्राम पंचायत कुमा के आश्रित ग्राम इंचपारा और पेलमा में बनी नदियाँ व नाले उग्र रूप धर चुके हैं।
सुबह शिक्षा की तलाश में विद्यालय पहुँचे मासूम बच्चे भी उफनती नदी के इस पार ही ठिठककर खड़े रह गए। शिक्षकगण भी जलराशि में फँसे हुए हैं, मानो नदी की गर्जना ने उन्हें कैद कर लिया हो। दोनों किनारों पर खड़े ग्रामीण सुरक्षा कवच बनकर बच्चों और शिक्षकों की निगरानी कर रहे हैं।लेकिन वहीं वर्षा की निर्मम बौछारों ने नगर और गाँवों का आपसी संपर्क तोड़ दिया है। मार्ग अवरुद्ध हैं, आवागमन संकटग्रस्त है। ग्रामीण टकटकी लगाए हैंकृकब शांत होगा जलप्रवाह, कब कम होगा उफान। अभी के लिए उम्मीद और धैर्य ही उनका सहारा है।
धरमजयगढ में बारिश का कहर, ऊफान पर नदियां नाले,थम गया जनजीवन
