रायगढ़। छत्तीसगढ़ प्रदेश एन.एच.एम. कर्मचारी संघ की जिला इकाई-रायगढ़ के बैनर तले 16,000 से अधिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) कर्मचारी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के छठे दिन, 23 अगस्त को शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में जिले के 550 से अधिक कर्मचारियों ने गुब्बारे हवा में छोडक़र 20 वर्षों की शोषण प्रथा को समाप्त करने हेतु सरकार का ध्यान आकर्षित किया। गुब्बारों के साथ अपनी 10 सूत्रीय मांगों को प्रतीकात्मक रूप से हवा में छोड़ा गया, जो सरकार के खोखले वादों की तरह अब तक अनसुलझी हैं।
जिलाध्यक्ष शकुंतला एक्का, डॉ. योगेश पटेल, वैभव डियोडिया, आनंद मिरि, संतोष बेहरा, नितिराज सिंह, राघवेंद्र बोहिदार, पवन प्रधान, रामसेवक साहू, विद्याभूषण, अजय महीलांगे, जन्मजय सिदार, डॉ. कामिनी गुप्ता, नितेश यादव, अनिता यादव, नीलांबर वारे, डॉ. खीर सागर पटेल, उमेश जोल्हे, रीना गुप्ता, रोशनी लकरा, ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी।
कर्मचारियों को गुमराह करने की कोशिश
शासन दावा कर रहा है कि पांच मांगें मान ली गई हैं, लेकिन आज तक कोई लिखित आदेश नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठायारू पांच मांगें मानी गईं, तो लिखित दस्तावेज कहां हैं? क्या सरकार की नीति सिर्फ हवाई बातों तक सीमित है?
वादों के गुब्बारे, शोषण की हवा’, एन.एच.एम. कर्मचारी हड़ताल के छठे दिन भी डटे
सरकार से लिखित जवाब की मांग
