सारंगढ़। रामगोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा जिले के वरि. पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च स्तरीय अपराध एवं सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की। समीक्षा बैठक में रजनेश सिंह उमनि., व.पुलिस अधीक्षक, जिला बिलासपुर, शशि मोहन सिंह, उमनि. व वरि. पुलिस अधीक्षक, जिला रायगढ़, भोजराम पटेल, वरि. पुलिस अधीक्षक मुंगेली, सिद्धार्थ तिवारी, पु.अधीक्षक, जिला कोरबा,मनोज खिलारी, पुलिस अधीक्षक, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही प्रफुल्ल ठाकुर, पु. अधीक्षक, जिला सक्ती,विजय पांडेय पुलिस अधीक्षक, जिला जॉजगीर – चाम्पा, सुनील शर्मा पुलिस अधीक्षक जिला सारंगढ़, श्रीमती सुरेखा चौबे अ. पुलिस अ. पुमनि. कार्यालय बिलासपुर, श्रीमती मधुलिका सिंह, अ.पु. अधीक्षक बिलासपुर, पंकज पटेल अ. पु. अधी. बिलासपुर, श्रीमती नुपुर उपाध्याय एसडीओपी कोटा, विवेक शर्मा, उप पु. अ., रेंज पु.म.नि. कार्या. बिलासपुर एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स व विशेष नोडल प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस अधिकारियों की इस उच्चस्तरीय बैठक मे आईजी श्री राम गोपाल गर्ग बिलासपुर रेंज द्वारा नए कानूनों के क्रियान्वयन, न्याय प्रणाली को अधिक सुगम, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक व तकनीकी दिशा- निर्देश, न्याय संहिता डैशबोर्ड की प्रगति, सीसीटीएनएस व आईटी पोर्टल्स के अनुपालन, गंभीर अपराधों के प्रभावी नियंत्रण, ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व डिजिटल साक्ष्य संकलन (ई-साक्ष्य) तथा अन्य दिशा निर्देशों की विस्तृत समीक्षा की गई नये कानूनों का क्रियान्वयन एवं न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता नए आपराधिक कानून (बीनएएसएस/बीएनएस) के क्रियान्वयन, न्याय प्रणाली को अधिक सुगम, पारदर्शी व त्वरित बनाने हेतु न्याय संहिता डैश बोर्ड की प्रगति, ई- समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, ई- साक्ष्य के उपयोग की विस्तृत समीक्षा की गई। थानों की पेंडेंसी को शून्य के स्तर पर लाने हेतु पुराने मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत 60 एवं 90 दिवस की वैधानिक समय -सीमा के भीतर चालान/खात्मा दाखिल करने का लक्ष्य तय कर सभी राजपत्रित अधि. को साप्ताहिक मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपें।
स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर हस्त लिखित पर्चियों के स्थान पर 100त्न ऑनलाइन/डिजिटल एमएलआर व पीएमआर रिपोर्ट का उपयोग अनिवार्य किया गया। विवेचकों के डिजिटल हस्ताक्षर आधार-आधारित कराने व शिकायत कर्ताओं के ई- साइन हेतु थानों में डिजिटल पेन/इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर अनिवार्य करने निर्देशित किए। डिजिटल साक्ष्य संकलन को 100त्न ई-साक्ष्य पोर्टल से जोडऩे, जब्ती माल का प्रेषण केवल ई- फॉरेंसिक से करने तथा थाना/जिला स्तर पर ई- माल खाना प्रणाली को पारदर्शी, बारकोड युक्त बनाने के निर्देश दिए गए।
सीसीटीएनएस में इंटीग्रेटेड इन्वेस्टिगेशन फॉर्म्स (आईआईएफ 1 से 11) एवं ग्राम अपराध नोटबुक (व्हीसीएनबी ) की प्रविष्टियों को राजस्व रिकॉर्ड के अनुरूप अपडेट करने के निर्देश दिए गए। प्रक्रियात्मक त्रुटियों को समाप्त करने हेतु मादक पदार्थ जब्ती की कार्रवाई के दौरान ्रहृञ्जस्न प्रभारी या शिक्षित अधिकारी मौके पर उपस्थिति में विधि सम्मत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।मादक पदार्थ परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर फोटोग्राफी सहित संयुक्त इन्वेंट्री बनाने, पीआईटी-एनडीपीएस व सेफेमा के तहत आदतन तस्करों की संपत्ति कूर्की हेतु ठोस प्रस्ताव भेजने के आदेश दिए गए। अंतर्राज्यीय तस्कर गिरोहों के विरुद्ध एंड-टू-एंड बैकवर्ड व फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर वित्तीय विवेचना करने, आदतन तस्करों की गैंग हिस्ट्रीशीट खोलने, संपत्ति अटैच करने तथा कलेक्टर कोर्ट से समन्वय स्थापित कर जब्त वाहनों का त्वरित राजसात व सार्वजनिक नीलामी कराने के निर्देश दिए गए। अंतर्राज्यीय सीमा से लगे मार्गों पर 24 घंटे सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए। पुलिस महा निरीक्षक गर्ग ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि रेंज में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, तकनीकी पोर्टल्स के शत- प्रतिशत उपयोग व अवैध गतिविधियों पर पूर्णत: अंकुश लगाने हेतु नियमित मॉनिटरिंग और कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। ष्टष्टञ्जहृस् व ढ्ढञ्ज पोर्टल्स के अनुपालन में शिथिलता, विवेचनात्मक त्रुटियों के कारण होने वाली दोष मुक्ति तथा चालान प्रस्तुति वैधानिक समय-सीमा के उल्लंघन पर संबंधित अधिकारी की सीधी जवाब देही तय की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निर्देशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी है।
आईजी रामगोपाल गर्ग ने ली रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक



