रायगढ़। शहर के विनोबा नगर क्षेत्र में सडक़ों की बदहाल स्थिति इन दिनों स्थानीय रहवासियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है। क्षेत्र की कई सडक़ों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, उबड़-खाबड़ सतह तथा सडक़ की टूटी हुई परत के कारण लोगों को रोजाना आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में समस्या और अधिक विकट हो गई है, जिससे लोगों में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
बारिश होते ही विनोबा नगर की बदहाल सडक़ों पर जगह-जगह पानी भर जाता है। गड्ढों में पानी जमा होने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे वाहन चालकों को काफी सावधानी से गुजरना पड़ता है। कई स्थानों पर सडक़ पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति निर्मित हो जाने से दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विनोबा नगर की इन सडक़ों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों का आवागमन होता है। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग, विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग तथा दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। सडक़ की खराब स्थिति के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी होती है। विशेषकर सुबह और शाम के समय आवागमन अधिक होने पर गड्ढों और संकरे मार्गों के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। बारिश के दौरान सडक़ पर पानी और कीचड़ जमा होने से राहगीरों के कपड़े खराब होने के साथ-साथ फिसलकर गिरने का खतरा भी बना रहता है।
गड्ढों के कारण दुर्घटना का खतरा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सडक़ की बदहाल स्थिति को लंबे समय तक नजरअंदाज करना किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण देने के समान है। कई गड्ढे ऐसे स्थानों पर हैं, जहां बारिश के दौरान पानी भर जाने के बाद वाहन चालकों को उनका पता नहीं चल पाता। अचानक गड्ढे में वाहन जाने से दोपहिया वाहन अनियंत्रित होने की संभावना बनी रहती है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह समस्या और अधिक गंभीर है। पैदल चलते समय सडक़ की खराब सतह तथा कीचड़ के कारण संतुलन बिगडऩे का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने सडक़ की स्थिति को देखते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
स्थायी समाधान की जरूरत
रहवासियों का कहना है कि सडक़ की समस्या का समाधान केवल गड्ढों में मिट्टी या मुरुम डालकर अस्थायी रूप से करने से नहीं होगा। बारिश के बाद सडक़ दोबारा खराब होने की संभावना बनी रहती है। इसलिए सडक़ का समुचित निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार गुणवत्तापूर्ण निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही सडक़ के किनारे उचित जल निकासी की व्यवस्था किए जाने की भी आवश्यकता है, ताकि बारिश का पानी सडक़ पर जमा न हो। यदि पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो सडक़ की स्थिति बार-बार खराब होती रहेगी और सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाएगा।
शीघ्र कार्रवाई की मांग
स्थानीय रहवासियों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि विनोबा नगर की सडक़ों का शीघ्र स्थल निरीक्षण कराया जाए। सडक़ की वर्तमान स्थिति का जायजा लेकर जहां आवश्यकता है वहां गड्ढों की मरम्मत, सडक़ की सतह का सुधार, जल निकासी की व्यवस्था तथा आवश्यकतानुसार सडक़ का पुनर्निर्माण कराया जाए। नागरिकों ने यह भी मांग की है कि सडक़ निर्माण एवं मरम्मत कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि कुछ समय बाद सडक़ दोबारा खराब न हो। साथ ही कार्य की नियमित निगरानी की जाए, जिससे नागरिकों को लंबे समय तक बेहतर सडक़ सुविधा मिल सके।
मूलभुत सुविधाओं को लेकर पनप रहा आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी शहर के विकास का आकलन केवल बड़े निर्माण कार्यों से नहीं, बल्कि आम नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं से भी होता है। सुरक्षित और सुगम सडक़ नागरिकों की बुनियादी आवश्यकता है। विनोबा नगर के रहवासियों को भी ऐसी सडक़ सुविधा मिलनी चाहिए, जिस पर वे बिना किसी भय और परेशानी के आवागमन कर सकें। नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाएगा और विनोबा नगर की बदहाल सडक़ों की स्थिति में सुधार किया जाएगा। अब सवाल यही है कि विनोबा नगर की इन बदहाल सडक़ों की समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा? स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द पहल करेगा और क्षेत्रवासियों को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर सडक़ की सुविधा उपलब्ध कराएगा।



