रायगढ़। जिले के पुसौर क्षेत्र में स्थित एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन के प्रस्तावित तृतीय चरण विस्तार को लेकर विरोध तेज हो गया है। क्षेत्रीय संगठन लारा संघर्ष ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर परियोजना के स्टेज-3 विस्तार पर पुनर्विचार करने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि संयंत्र की स्थापना के समय किए गए कई वादे आज तक पूरे नहीं हुए हैं, जिससे स्थानीय जनता में नाराजगी है।
लारा संघर्ष द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि एनटीपीसी लारा परियोजना के प्रथम चरण के दौरान क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अपेक्षित स्तर पर इन सुविधाओं का विकास नहीं हो सका है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संयंत्र की स्थापना के बाद क्षेत्र में महंगाई बढ़ी है और स्थानीय युवाओं को पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिल पाए हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि पहले और दूसरे चरण के दौरान उठाई गई आपत्तियों का भी समुचित समाधान नहीं किया गया।
लारा संघर्ष ने तृतीय चरण के विस्तार से पर्यावरणीय प्रदूषण, जल एवं वायु गुणवत्ता पर असर तथा कृषि भूमि और आने वाली पीढिय़ों के स्वास्थ्य पर संभावित दुष्प्रभावों की आशंका जताई है।
संगठन ने पर्यावरणीय स्वीकृति पर पुनर्विचार, पूर्व में किए गए वादों और शर्तों की स्वतंत्र समीक्षा तथा स्थानीय नागरिकों की आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही मांग की गई है कि पूर्व चरणों से जुड़े सामाजिक और पर्यावरणीय दायित्वों के संतोषजनक पालन तक नई स्वीकृतियां स्थगित रखी जाएं।
लारा संघर्ष के पदाधिकारियों का कहना है कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ही किसी भी विस्तार परियोजना पर निर्णय लिया जाना चाहिए।
एनटीपीसी लारा के तृतीय चरण विस्तार का विरोध



