रायगढ़। सरकार के ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र बनाने के आदेश के बाद रायगढ़ नगर निगम की जन्म पंजीकरण शाखा पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। रोजाना सैकड़ों अभिभावक प्रमाण पत्र बनवाने निगम पहुंच रहे हैं, लेकिन पुराने ऑफलाइन रिकॉर्ड न मिलने से लोग परेशान होकर सीधे निगम आयुक्त के पास शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार नगर निगम आयुक्त रोजाना शाखा के प्रभारी कर्मचारी को लापरवाही के लिए फटकार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसी वजह से समस्या जस की तस बनी हुई है। राज्य सरकार ने सभी पुराने ऑफलाइन जन्म प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से अभिभावकों की भीड़ निगम में लग रही है। लेकिन निगम द्वारा पहले बनाए गए अधिकांश ऑफलाइन रिकॉर्ड या तो रजिस्टर में नहीं मिल रहे हैं या एंट्री अधूरी है।
रिकॉर्ड न मिलने के कारण ऑनलाइन आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं। इससे नाराज अभिभावक रोजाना निगम कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। कई बार तो पार्षद भी अपने वार्ड के लोगों को लेकर आयुक्त से मिल चुके हैं।
जन्म पंजीकरण शाखा के प्रभारी कर्मचारी पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। निगम आयुक्त द्वारा रोजाना फटकार लगाए जाने के बावजूद कर्मचारी को हटाया नहीं जा रहा है। कर्मचारियों की कमी और पुराने रिकॉर्ड के अव्यवस्थित होने को भी समस्या की बड़ी वजह माना जा रहा है।
स्थानीय पार्षदों का कहना है कि बच्चों के स्कूल, कॉलेज में प्रवेश और अन्य सरकारी कामों के लिए प्रमाण पत्र जरूरी है। लेकिन निगम की लापरवाही के कारण आम जनता को महीनों चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
एक अभिभावक ने कहा, एक महीने से चक्कर काट रहे, हर बार बोलते हैं रिकॉर्ड नहीं मिल रहा। अब स्कूल, कॉलेज में एडमिशन अटक गया है।” वहीं एक पार्षद ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि “रोज 10-15 लोग शिकायत लेकर आते हैं। आयुक्त सुनते हैं लेकिन समाधान नहीं निकल रहा।
फिलहाल रायगढ़ नगर निगम की इस लापरवाही से न सिर्फ आम जनता परेशान है, बल्कि नगर निगम की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं।
निगम में बर्थ सर्टिफिकेट के लिये भटक रहे हितग्राही
विभाग को ही नही मिल रहा ऑफलाईन सरकारी दस्तावेज, आयुक्त के पास रोज पहुंच रही शिकायत



