रायगढ़। जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में भोजन की तलाश में भटक रहे हाथियों ने ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बीते दो रातों के भीतर हाथियों के दल ने गांव के करीब पहुंचकर 8 ग्रामीणों के आशियाने उजाड़ दिए, वहीं 3 किसानों की खड़ी धान की फसल और थरहा (नर्सरी) को रौंद दिया।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की कागजी कार्रवाई में जुट गई है। धरमजयगढ़ वन मंडल के कापू रेंज (लिप्ती बीट) के अंतर्गत आने वाले ग्राम चितामाड़ा, पखनाकोट और कमरई में सोमवार की रात हाथियों के दल ने जमकर उत्पात मचाया। यहां हाथियों ने ग्रामीण बैसाखु लकड़ा, संजय लकड़ा, दीपक केरकेट्टा, परमेश्वर मिंज, सिरिल मिंज और एक अन्य ग्रामीण के मकान को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद मंगलवार की रात को भी हाथियों ने पखनाकोट में ही भूखन मिंज और परसराम मिंज के मकानों को ध्वस्त कर दिया। दो किसानों के धान के थरहा को बर्बाद कर दिया।
जिले में 135 हाथी सक्रिय
वन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, रायगढ़ जिले में इस समय कुल 135 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 114 हाथी अकेले धरमजयगढ़ वन मंडल में सक्रिय हैं, जबकि रायगढ़ वन मंडल में 21 हाथी मौजूद हैं।



