जशपुरनगर। बगीचा थाना क्षेत्र के ग्राम बेतरा में डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा पुलिस जन-चौपाल आयोजित की गई। जन-चौपाल के दौरान ग्रामीणों को ‘पुलिस मितान’ योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए उसके उद्देश्यों एवं कार्यों से अवगत कराया गया। डीआईजी एवं एसएसपी ने ग्रामीणों से वन-टू-वन चर्चा कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना तथा कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया। ग्रामीणों को सडक़ सुरक्षा एवं यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया तथा हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व के बारे में बताया गया। साथ ही नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर युवाओं एवं ग्रामीणों से नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की गई।
सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने तथा ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण हेतु पुलिस द्वारा बगीचा थाना क्षेत्र के ग्राम बेतरा में पुलिस जन-चौपाल का आयोजन किया गया। इस जन-चौपाल में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक यातायात श्री कुंज राम चौहान, कोर्ट मोहर्रिर महिला आरक्षक सुषमा भगत, महिला आरक्षक मधु मंजरी तिर्की, महिला आरक्षक शर्मिला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। जन-चौपाल के दौरान डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए जशपुर पुलिस द्वारा संचालित ‘पुलिस मितान’ अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस मितान का उद्देश्य पुलिस एवं आमजन के बीच विश्वास, सहयोग एवं समन्वय को मजबूत करना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली समस्याओं, विवादों एवं अपराधों की सूचना समय पर पुलिस तक पहुंच सके तथा उनका त्वरित निराकरण किया जा सके। उन्होंने ग्रामीणों से पुलिस मितान के माध्यम से पुलिस के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने एवं अपने गांव को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं अपराधमुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. सिंह ने पुलिस की कार्यप्रणाली, नागरिकों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों तथा पुलिस की जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि आमजन को सुरक्षा प्रदान करना, कानून व्यवस्था बनाए रखना तथा समाज में शांति एवं सौहार्द का वातावरण स्थापित करना भी है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या, शिकायत, विवाद अथवा अपराध की जानकारी मिलने पर पुलिस सदैव उनकी सहायता के लिए तत्पर है।
कार्यक्रम के दौरान डीआईजी एवं एसएसपी ने ग्रामीणों से वन-टू-वन चर्चा की तथा उनकी समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना। कई ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की, जिन पर डॉ. सिंह ने आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कई समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि गांव अथवा आसपास के क्षेत्र में किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अवैध कार्य, असामाजिक तत्वों की गतिविधि या कोई अपराध घटित होता है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए डीआईजी एवं एमएसपी डॉ. सिंह ने नशामुक्त समाज की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नशा समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। अधिकांश लोग जिज्ञासा, दोस्तों के दबाव, गलत संगति अथवा शौक के रूप में नशे की शुरुआत करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यही आदत लत में बदल जाती है। नशा व्यक्ति की मानसिक एवं शारीरिक क्षमता को प्रभावित करता है, उसकी निर्णय लेने की क्षमता कमजोर करता है तथा परिवार एवं समाज में आर्थिक, सामाजिक एवं पारिवारिक समस्याओं को जन्म देता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें, अपने माता-पिता एवं परिवार का सम्मान करें तथा शिक्षा, खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों में अपना समय लगाएं।
इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक यातायात श्री कुंज राम चौहान ने सडक़ सुरक्षा एवं यातायात नियमों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सडक़ दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश जनहानि यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग तथा चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाना केवल कानूनी बाध्यता ही नहीं, बल्कि स्वयं एवं परिवार की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने वाहन चलाते समय तेज गति, लापरवाही, मोबाइल फोन के उपयोग तथा नशे की अवस्था में वाहन चलाने से बचने की सलाह दी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें तथा अपने परिवार, मित्रों एवं परिचितों को भी सडक़ सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। सडक़ पर सावधानी और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाकर अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है तथा अनमोल जीवन को सुरक्षित रखा जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने जशपुर पुलिस की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस जन-चौपाल जैसे कार्यक्रमों से पुलिस एवं आमजन के बीच विश्वास बढ़ता है तथा ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे पुलिस अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर प्राप्त होता है। जन-चौपाल का समापन ग्रामीणों को कानून का पालन करने, नशामुक्त जीवन अपनाने, यातायात नियमों का पालन करने तथा गांव में शांति, सद्भाव एवं सुरक्षा बनाए रखने के संदेश के साथ किया गया। कार्यक्रम के अंत में नशे से दूर रहने एवं दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनकर चलाने, चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाकर चलने एवं अन्य यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। इस कार्यक्रम के माध्यम से आमजन के प्रति सामाजिक कुरितियों को दूर करने की पुलिस के प्रति विश्वास बड़ी है एवं ग्रामीणों में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का उत्साह भी नजर आया।
पुलिस जन-चौपाल में डीआईजी एवं एसएसपी ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद



