रायगढ़। जिले में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस महीने चौथी बार ईंधन के दाम बढ़े हैं। रायगढ़ में पेट्रोल अब 109.03 रुपए प्रति लीटर और डीजल 102.29 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। महंगाई का असर अब रोजमर्रा के सामान, सब्जियों, होटल कारोबार और ट्रांसपोर्टिंग पर साफ दिखाई देने लगा है। जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ गया है।
पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाह फैलने के बाद कई पेट्रोल पंपों में लोगों की भीड़ लग गई थी। इसके बाद दामों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। पहले पेट्रोल 101.42 रुपए से बढक़र 104.53 रुपए और डीजल 94.36 रुपए से बढक़र 97.52 रुपए प्रति लीटर हुआ। फिर दूसरी बार पेट्रोल में 90 पैसे और डीजल में 95 पैसे की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद पेट्रोल 105.43 रुपए और डीजल 98.47 रुपए पहुंच गया। इसके बाद तीसरी और अब चौथी बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 109.03 रुपए और डीजल 102.29 रुपए तक पहुंच चुका है।
सब्जियों के दाम भी बढ़े
सब्जी व्यवसायी मिथुन अग्रवाल ने बताया कि, ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टिंग खर्च बढ़ गया है। दूर-दराज से आने वाली सब्जियों का भाड़ा बढऩे के कारण सब्जियों की कीमतों में करीब 1 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही भाड़ा बढ़ा था और अब फिर पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है। संजय बाजपेयी ने कहा कि, पेट्रोल 100 रुपए से ऊपर पहुंच चुका है।
जिससे ऑटो चालकों की लागत काफी बढ़ गई है। ऑटो में पेट्रोल के साथ ऑयल भी डालना पड़ता है, इसलिए किराया बढ़ाने को लेकर चर्चा की जा सकती है, हालांकि अभी किराया नहीं बढ़ाया गया है। वहीं ट्रांसपोर्टर सतनाम सिंह वाधवा ने बताया कि डीजल की लिमिटेड सप्लाई के कारण परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल केवल 2 हजार रुपए तक का डीजल दिया जा रहा है, जिससे ट्रांसपोर्ट व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
होटल कारोबार पर भी असर
अत्तहर हुसैन ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर पहले से महंगे हैं और अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढऩे से होटल व्यवसाय पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। चावल, दाल और अन्य सामान ट्रांसपोर्ट के जरिए आते हैं, जिनका भाड़ा बढऩे से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
ट्रेवल्स कंपनियों ने भी बढ़ाया किराया
दिनेश मेहर ने बताया कि कई ट्रेवल्स कंपनियों ने प्रति किलोमीटर 1 से 2 रुपए तक किराया बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि पहले छोटी गाडिय़ों का किराया करीब 800 रुपए तक होता था, जो अब बढक़र 1000 रुपए तक पहुंच गया है।



