रायगढ़। पुलिस ने नकली सिगरेट के कारोबार का खुलासा किया है। आईटीसी कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने महादेव पान मसाला दुकान में दबिश दी, जहां से करीब 61 हजार रुपए के नकली तंबाकू उत्पाद जब्त किए गए। जब्त सामान में कई ऐसे सिगरेट शामिल हैं, जो असली ब्रांड से मिलते-जुलते बनाए गए थे। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह पूरा मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक आईटीसी कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि सदानंद मिश्रा (नई दिल्ली) ने इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि कंपनी लंबे समय से तंबाकू निर्माण और वितरण के क्षेत्र में सक्रिय और प्रतिष्ठित स्थान बनाए हुए है। आईटीसी के पास तंबाकू उद्योग में गोल्ड फ्लेक, फ्लेक और कैपस्टन समेत कई प्रमुख ब्रांडों का स्वामित्व है। कंपनी को रायगढ़ में बड़े पैमाने पर नकली सिगरेट उत्पादों की बिक्री की सूचना मिली थी।उन्होंने स्स्क्क शशि मोहन सिंह से संपर्क किया। पुष्टि के लिए 15 अप्रैल को गोपनीय तरीके से सिगरेट के नमूने खरीदे गए। जांच में गोल्ड फ्लेक ब्रांड के पैकेट पर लोगो और फॉन्ट में स्पष्ट गड़बड़ी पाई गई।
दुकान और गोदाम में कार्रवाई
इसके अलावा ‘गोल्ड विमल’ जैसे उत्पाद भी कंपनी के रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क की नकल करते पाए गए, जो पहली नजर में धोखाधड़ी को दर्शाते हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने सिंधी कॉलोनी पक्की खोली स्थित महादेव पान मसाला सेंटर और उसके गोदाम में छापेमारी की। इस दौरान आईटीसी कंपनी की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
नकली सिगरेट उत्पादों को थोक में बेच रहा था
मौके पर पाया गया कि महादेव पान मसाला सेंटर का संचालक लक्ष्मणदास जय सिंह (52) नकली सिगरेट उत्पादों का संग्रहण कर थोक में बिक्री कर रहा था, जिससे कंपनी को नुकसान हो रहा था और उपभोक्ता भी गुमराह हो रहे थे। पुलिस ने नकली सिगरेट के रूप में गोल्ड विमल के 920 डिब्बे, गोल्ड फ्लैक किंग के 111 डिब्बे और 96 डिब्बे, व्हाइट फ्लेक्स के 274 डिब्बे, गोल्ड किंग के 4 डिब्बे और गोल किंग के 307 खुले नग जब्त किए।
आरोपी को भेजा गया जेल
इन उत्पादों के असली सामान के अनुसार कुल कीमत करीब 61,310 रुपए आंकी गई है, जिसे पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस ने आरोपी लक्ष्मणदास जय सिंह के खिलाफ धारा 318(1), 349 बीएनएस, ट्रेडमार्क अधिनियम 1999 की धारा 103, 104 और कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63, 64 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
उपभोक्ताओं को धोखा देना अपराध है
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि नकली उत्पादों को असली बताकर बेचना एक गंभीर अपराध है। ऐसे अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि वे इस तरह के नकली उत्पादों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें। पुलिस ने महादेव पान मसाला में छापा मारकर करीब 61 हजार रुपए के असली ब्रांड से मिलते-जुलते नकली सिगरेट उत्पाद जब्त किए हैं।



