रायपुर। छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्स (सीएएफ) के वेटिंग कैंडिडेट पिछले 108 दिनों से नौकरी की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान वे कई बार गृहमंत्री विजय शर्मा से मिलने उनके बंगले भी पहुंचे। दो-तीन बार मुलाकात तो हुई, लेकिन अब तक उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
शनिवार को तीन कैंडिडेट्स एक बार फिर से गृहमंत्री से मुलाकात करने पहुंचे। लेकिन तीनों को पुलिस ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोडफ़ोड़ करने और नारेबाजी करने के आरोप में गिरफ्तार कर दिया। इसके बाद से तीनों जेल में हैं। दूसरे कैंडिडेट्स का कहना है कि पुलिस ने झूठे आरोप लगाकर स्नढ्ढक्र दर्ज की है। तीनों सिर्फ बातचीत करने गए थे, गृहमंत्री तो मिले नहीं। लेकिन झूठा केस दर्ज कर तीनों को जेल जरूर भेज दिया गया। अन्य कैंडिडेट्स का आरोप है कि शासन उनका प्रदर्शन समाप्त करना चाहती है। इसलिए इस तरह का दबाव डालकर उन्हें तोडऩे की कोशिश कर रही है। हालांकि कैंडिडेट्स ने ये भी स्पष्ट किया है कि वो अपनी मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखेंगे। कैंडिडेट्स ने इससे पहले अलग-अलग मंत्रियों को खून से पत्र लिखकर नौकरी की मांग की थी। कैंडिडेट्स का कहना है गृहमंत्री के अधिकारी उन्हें मंत्री शर्मा से मिलने ही नहीं दे रहे हैं। दरअसल, पहली मुलाकात में गृहमंत्री ने कैंडिडेट्स को कोर्ट जाने को कह दिया था।
दूसरी मुलाकात में उन्होंने सीएम से पूरे मामले में बात करने का आश्वासन दिया था। तीसरी मुलाकात में उन्होंने कैंडिडेट्स को बताया था कि सीएम से बात नहीं हो पाई है। वो बात करेंगे। बातचीत का अपडेट जानने के लिए ही कैंडिडेट्स लगातार गृहमंत्री हाउस पहुंच रहे हैं। कैंडिडेट्स का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उनकी मांग को सही बताया है। उनके समर्थन में लेटर भी लिख चुके है। लेकिन गृहमंत्री के यहां से उन्हें कोई रिप्लाई नहीं मिल रहा है।
गृहमंत्री से मिलने गए सीएएफ कैडिंडेट्स को किया गिरफ्तार, तीन को भेजा जेल
अभ्यर्थी बोले- तोडफ़ोड़, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का झूठा मामला दर्ज हुई



