रायगढ़. रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के सभी पुलिस राजपत्रित अधिकारियों, थाना-चौकी प्रभारियों तथा विभिन्न शाखा प्रभारियों की अपराध की समीक्षा बैठक ली। बैठक के लंबित मामले के जानकारी के साथ शिघ्र निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि एसएसपी ने जिले में स्थापित एमसीयू के माध्यम से सभी थानों में गिरफ्तार आरोपियों के फिंगरप्रिंट अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए है, साथ ही लॉ सेक्शन प्रभारी को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जवाबदावों का समय पर निराकरण करने तथा ई-समंस की शत प्रतिशत तामिली सुनिश्चित करने कहा गया। शिकायतों की पेंडेंसी को लेकर विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। विशेष रूप से महिलाओं, असहाय व्यक्तियों और वृद्धों से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता से निराकृत करते हुए एक सप्ताह का समय तय करें। इसके साथ ही डायल-112 के कर्मचारियों की विशेष मॉनिटरिंग करते हुए समय-समय में इनकी जांच किया जाए, ताकि सेवा में किसी प्रकार की कमी सामने न आए। इसके साथ ही सीसीटीएनएस में कार्यों की एंट्री को लेकर असंतोष व्यक्त करते हुए थाना प्रभारियों को समय पर सभी एंट्री पूर्ण कराने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गुंडा-बदमाशों की समीक्षा कर सक्रिय अपराधियों को निगरानी में लाए तथा वृद्ध हो चुके निगरानी बदमाशों को माफी बदमाश की श्रेणी में लाया जाए। साथ ही सक्रिय बदमाशों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किया जाए।
अपराधों की ली जानकारी
बैठक के दौरान लंबित हत्या, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, पॉक्सो एक्ट तथा लूट के गंभीर मामलों की जानकारी लेकर शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिले की कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
अभियानों को ले गंभीरता से
जिले में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत मादक पदार्थों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की गति बनाए रखने तथा एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार आरोपियों की संपत्ति जप्ती के लिए ‘सफेमा’ के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी तरह ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत मवेशियों की अवैध तस्करी कड़ाई से रोक लगाई जाए। साथ ही ‘ऑपरेशन अंकुश’ के अंतर्गत जुआ और सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध कार्रवाई कर इसे पूरी तरह से खत्म करने के लिए कहा है। ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत प्रत्येक माह 10 से 15 तारीख के बीच फरार वारंटियों और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
मामला लंबित होने पर होगी कार्रवाई
बैठक के दौरान एसएसपी ने कहा कि थाना प्रभारी अपने-अपने थानों में विवेचकों की बैठक लेकर लंबित मामलों की समीक्षा कर प्रकरण को जानबूझकर अनावश्यक रूप से लंबित न रखें, अगर कोई विवेचक लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें। वहीं हो कर्मचारी अच्छे काम करेंगे उनका प्रशंसा पत्र भेजने के निर्देश दिए, साथ ही यह भी बताया कि प्रत्येक माह थाना-चौकी के कार्यों की समीक्षा के आधार पर थाना प्रभारी को ‘कॉप ऑफ द मंथ’ से सम्मानित किया जाएगा।
बैठक मेें ये रहे मौजूद
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं अनिल विश्वकर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी प्रभात कुमार पटेल, उत्तम प्रताप सिंह, सिद्धांत तिवारी, सुशांतो बनर्जी, प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी, आरआई अमित सिंह, डीएसबी प्रभारी निरीक्षक किशोर केरकेट्टा, एफएसएल अधिकारी डॉ. अनंत सिदार तथा जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
शिकायतों की पेंडेंसी खत्म कर अपराधियों पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश
एससपी ने क्राइम मीटिंग में थाना प्रभारियों की लगाई क्लास, ऑपरेशन आघात, शंखनाद, अंकुश और तलाश से अपराधियों पर चौतरफा पुलिस की कार्रवाई होगी तेज



