रायगढ़। जिले में जमीन बेचने के नाम पर फर्जी दस्तावेज दिखाकर 27 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामला पुसौर थाना क्षेत्र का है।
इस संबंध में पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बरमकेला थाना क्षेत्र के ग्राम लिंजिर निवासी इंद्रजीत वर्मा (50) ने पुसौर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि उसकी पहचान बचपन से ग्राम बघनपुर निवासी भीचरण पटेल (54) से थी जो वर्तमान में जो शासकीय सेवक पंचायत सचिव है। साल 2022 में भीचरण पटेल ने ग्राम कोड़ातराई स्थित खसरा नंबर 1021/2 की जमीन को अपनी बताकर बेचने की पेशकश की। जमीन पसंद आने पर 16 सितंबर 2022 को दोनों के बीच 35 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। इंद्रजीत वर्मा ने सौदे के तहत 27 लाख रुपए एडवांस के रूप में आरोपी को दे दिए। इस दौरान 100 रुपए के स्टाम्प पर लिखापढ़ी भी की गई। आरोपी ने भरोसा दिलाने के लिए जमीन से जुड़े कथित दस्तावेज दिखाए और नामांतरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया।
जांच में खुली पोल
समय बीतने के बाद भी जब जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई तो इंद्रजीत को संदेह हुआ। उसने तहसील कार्यालय में जानकारी जुटाई, जहां पता चला कि संबंधित भूमि के संबंध में उसके नाम से कोई राजस्व प्रकरण लंबित नहीं है। साथ ही जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज मिली। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है।
आरोपी के चेक भी हुए बाउंस
रुपए वापस मांगने पर आरोपी भीचरण पटेल ने 5 लाख रुपए का एक चेक और 11-11 लाख रुपए के दो चेक दिए। साथ ही पुलिस में शिकायत नहीं करने की बात कही। लेकिन जब पीडि़त ने चेक बैंक में लगाए तो सभी चेक बाउंस हो गए।
1 लाख लौटाकर करता रहा टालमटोल
लगातार दबाव के बाद जनवरी 2025 में आरोपी ने सिर्फ 1 लाख रुपए वापस किए। इसके बाद शेष रकम लौटाने के नाम पर लगातार बहाने बनाता रहा। आखिरकार पीडि़त ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी भीचरण पटेल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी ने लोगों को दी सलाह
रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि भूमि, संपत्ति और आर्थिक लेन-देन से जुड़े मामलों में पुलिस गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री से पहले दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन अवश्य करें।



