रायपुर। प्रदेश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 29 रुपए तक बढ़ गई है। रायपुर में पहले 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर 984 रुपए में मिल रहा था, जो अब 1013 रुपए का हो गया है। वहीं रायगढ़ में 1002 रुपए में मिलने वाला रसोई गैस सिलेंडर अब 1031 रुपए में मिलेगा। नई दरें आज (रविवार) से लागू कर दी गई हैं। पिछले 3 महीनों में यह दूसरी बार है, जब घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। इस तरह तीन महीने के अंदर घरेलू गैस सिलेंडर कुल 89 रुपए महंगा हो चुका है।
वहीं, करीब एक हफ्ते पहले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में भी लगभग 53 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा लागत बढऩे और घरेलू बिक्री पर हो रहे नुकसान के कारण एलपीजी की कीमतों में वृद्धि करनी पड़ी है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकारी तेल कंपनियों को हर घरेलू सिलेंडर पर करीब रुपए 703 का नुकसान हो रहा था। दाम बढऩे से बावजूद सिर्फ आंशिक भरपाई होगी। 2026 से पहले सरकार ने 8 अप्रैल 2025 को घरेलू एपीजी सिलेंडर के दामों में 50 रुपए का इजाफा किया था। 1 मार्च 2026 को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम रु. 31 तक बढ़ाए गए थे। 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी रु.11 का इजाफा किया गया था, जिससे इसकी कीमत रु. 821.50 हो गई।
एलपीजी से पहले पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम बढ़े
पिछले कुछ हफ्तों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम भी बढ़े हैं। मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कुल मिलाकर रु.7.50 प्रति लीटर बढ़ चुकी हैं, जबकि सीएनजी करीब रु. 6 प्रति किलो महंगी हुई है। कंपनियों को पेट्रोल पर करीब रु.11 प्रति लीटर और डीजल पर रु. 33.6 प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद कंपनियों का दावा है कि पेट्रोल-डीजल अभी भी लागत से कम कीमत पर बेचे जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि वैश्विक कीमतों में हुई पूरी बढ़ोतरी का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है। कच्चे तेल के महंगे होने का कुछ बोझ सरकारी तेल कंपनियां खुद उठा रही हैं।



