रायगढ़। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर सोमवार को कलेक्टोरेट के सृजन सभाकक्ष में सडक़ दुर्घटना पीडि़तों को त्वरित और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राहत कैशलेस उपचार योजना और राहवीर योजना के क्रियान्वयन पर प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के तकनीकी निदेशक श्री अरविंद यादव ने किया।
प्रशिक्षण में प्रधानमंत्री राहत कैशलेस उपचार योजना के उद्देश्य और प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई। योजना का मुख्य लक्ष्य है सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित और निर्बाध चिकित्सा सुविधा प्रदान करना। इसके तहत पीडि़तों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में आर्थिक बाधा न आए और गंभीर स्थिति में भी मरीज को समय पर आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल सके। योजना के डिजिटल क्रियान्वयन में डेटा प्रबंधन, सत्यापन और उपचार प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण सत्र में राहवीर योजना के सामाजिक और मानवीय महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। इस योजना का उद्देश्य सडक़ दुर्घटना के समय घायल व्यक्तियों की सहायता करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित और सम्मानित करना है। योजना के अंतर्गत दुर्घटना स्थल पर त्वरित सहायता देने या घायल व्यक्ति को चिकित्सालय तक पहुँचाने वाले व्यक्तियों को शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पुरस्कार और प्रोत्साहन दिया जाता है। यह पहल समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सत्र के दौरान आईआरडी एवं ईडार प्रणाली, सीटीराव फ्लो, डेटा एंट्री वर्कफ्लो और दुर्घटना डेटा प्रबंधन से संबंधित तकनीकी और कार्यात्मक पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। खुली चर्चा और समस्या समाधान सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर इस अवसर पर ईडार परियोजना से संबंधित राज्य रोलआउट प्रबंधक श्री शरांश शिर्के, जिला रोलआउट प्रबंधक श्री दुर्गा प्रसाद प्रधान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत, जिला परिवहन अधिकारी श्री अमित प्रकाश कश्यप, डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम सिंह, एनआईसी के जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री अंशुल कुमार देवांगन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख हितधारक उपस्थित थे। साथ ही जिले के समस्त निजी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत सूचीबद्ध चिकित्सालयों के प्रतिनिधि और सडक़ दुर्घटना प्रकरणों से संबंधित जांच अधिकारी भी प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय रूप से शामिल हुए।
सडक़ दुर्घटना राहत के लिए पीएम कैशलेस व राहवीर योजना पर दिया गया प्रशिक्षण



