रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। बैठक में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने, उद्योगों में निवेश बढ़ाने, कारोबार की प्रक्रिया आसान करने, जीएसटी से जुड़े नियमों में बदलाव और शिक्षा से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा नवा रायपुर, पर्यावरण और किरायेदारी कानून से जुड़े मामलों पर भी कैबिनेट ने बड़े निर्णय लिए हैं।
विधानसभा के मानसून सत्र को देखते हुए सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों के प्रारूप को भी मंजूरी दी है। इन विधेयकों को अब मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, उद्योगों को सुविधा होगी और आम लोगों से जुड़े कामों को गति मिलेगी।
बिजली भुगतान की नई व्यवस्था से नहीं रुकेगी सप्लाई
कैबिनेट ने बिजली भुगतान की व्यवस्था में बदलाव को मंजूरी दी है। अब छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी केंद्रीय बिजली कंपनियों से खरीदी जा रही बिजली के भुगतान के लिए पुराने त्रिपक्षीय समझौते की जगह डायरेक्ट डेबिट मैंडेट व्यवस्था अपनाएगी।
इससे एनटीपीसी लिमिटेड समेत अन्य केंद्रीय बिजली कंपनियों से बिजली की सप्लाई लगातार जारी रखने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था से भुगतान भी आरबीआई के नियमों के अनुसार सुरक्षित रहेगा। सरकार पर इसका कोई अतिरिक्त खर्च नहीं आएगा, क्योंकि बिजली कंपनी पहले की तरह ही भुगतान करती रहेगी और जरूरत पडऩे पर लेटर ऑफ क्रेडिट की व्यवस्था भी बनी रहेगी। कैबिनेट ने बस्तर फाइटर्स में भर्ती और सेवा से जुड़े नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है।
निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। अब विश्वविद्यालयों में बेहतर सुविधाएं, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइब्रेरी और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए नए प्रावधान लागू किए जाएंगे।
सरकार ने छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण को खत्म करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। जीएसटी लागू होने के बाद वैट से जुड़े मामलों की संख्या कम हो गई है, इसलिए अब इसकी जरूरत नहीं रह गई है। लंबित मामलों को राजस्व मंडल में भेजा जाएगा।
जीएसटी प्रक्रिया होगी आसान
कैबिनेट ने जीएसटी कानून में बदलाव को मंजूरी दी है। इसका मकसद टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना और कारोबारियों, खासकर निर्यातकों को रिफंड मिलने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन कानून में बदलाव को मंजूरी दी गई है। इससे राज्य में नए उद्योग लगाने और निवेश बढ़ाने के लिए बेहतर माहौल तैयार होगा।
कारोबार शुरू करना होगा आसान
छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक को मंजूरी दी गई है। इसके लागू होने के बाद उद्योग और व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया आसान, डिजिटल और समयबद्ध होगी। इसमें कई तरह की अनावश्यक मंजूरी और प्रक्रियाओं को कम करने का प्रावधान है। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की जमीन और परिसरों से जुड़े बकाया ब्याज और अधिभार में राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना-2026 को मंजूरी दी गई है। इससे लंबित मामलों का समाधान होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
जल प्रदूषण नियंत्रण कानून में हुए संशोधन को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाने को मंजूरी दी गई है। छोटे उल्लंघनों में अब सीधे अपराध की जगह आर्थिक दंड का प्रावधान होगा।
किरायेदारी कानून में संशोधन
किरायेदारी से जुड़े नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य खाली मकानों को किराये पर देने को बढ़ावा देना और मकान मालिक व किरायेदारों के विवादों का जल्द समाधान करना है। कैबिनेट ने राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए जमीन देने का फैसला लिया है।



