जैजैपुर-सक्ती। जैजैपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत ओड़ेकेरा में आधी रात को धान खरीदी केंद्र प्रभारी अंधेरे का फायदा उठाते हुए धान में रेत की मिलावट कर रहा था। मामला ग्राम पंचायत ओड़ेकेरा में संचालित धान खरीदी केंद्र का है, जहां खरीदी के अंतिम दिवस को रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए शासन के नियमानुसार धान खरीदी किए जाने के बाद बोरी को स्टॉक लगा दिया गया था। फिर भी उस बोरी के धागे को खोल कर रेत मिला रहे थे। धान खरीदी केंद्र के पीछे में ट्रॉली भर रेत को डंप किया गया था और उसी रेत की मिलावट कर रहे थे। आधी रात को तगाड़ी और फावड़ा लेकर हमालियों द्वारा रेत को धान की ढेरी लगा कर मिलावट का खेल खेला जा रहा था।
शासन द्वारा धान खरीदी को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए पूरे जिले की खरीदी केंद्रों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी, ताकि किसानों के धान की खरीदी में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो। अधिकारियों के रहते खरीदी प्रभारी द्वारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं की जा सकी थी, जिसके चलते प्रभारी द्वारा रात का इंतज़ार किया जा रहा था। रात होते ही लगभग 200 क्विंटल धान से भरे नए बोरी को खोल कर ढेरी लगाकर रेत का मिलावट का खेल खरीदी प्रभारी द्वारा किया जा रहा था। जैसे-जैसे रात बढ़ता गया, रेत मिलाने का काम शुरू कर दिया गया और तगाड़ी-रापा के सहारे बाहर रखे रेत को ला कर मिलाना शुरू कर दिया गया। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों की सूचना पर उडऩदस्ता टीम ने 100 क्विंटल धान के साथ मिलावट की बोरियों को जब्त कर पंचनामा बनाने के बाद जिला प्रशासन को इस पूरे मामले की जानकारी दे दी है।
खरीदी प्रभारी की अधिकारियों से तगड़ी सेटिंग
ओड़ेकेरा धान खरीदी प्रभारी पर पहले भी घोटालों के आरोप लगते आ रहे हैं। फिर भी बार-बार ऐसे व्यक्ति को आखिर क्यों खरीदी की जिम्मेदारी दी जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह प्रभारी जिस-जिस खरीदी केंद्र में पदस्थ हुआ है, उस खरीदी केन्द्र में किसी न किसी प्रकार से शिकायत हुई है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा हर बार उसकी गलतियों को नजरअंदाज किया जा रहा था, जिसका खामियाजा आज शासन को भुगतना पड़ रहा है और वहीं प्रभारी को बार-बार जगह बदल-बदल कर नई जिम्मेदारी दी जा रही है, जिसके चलते आज प्रभारी के हौसले बुलंद नजर हैं।
भौतिक सत्यापन से हो सकता है बड़ा खुलासा
धान खरीदी केंद्र ओडेकेरा में भौतिक सत्यापन से बड़ा खुलासा हो सकता है। भौतिक सत्यापन में प्रत्येक स्टॉक की गिनती से इस सत्र की गई धान खरीदी में कितनी मात्रा में खरीदी की है और अभी तक कितना उठाया गया है, इसकी सटीक जानकारी जुटाने पर गड़बड़ी का बड़ा खुलासा हो सकता है।
किसानों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
किसानों ने कहा कि जब हम अपनी मेहनत की कमाई को मंडी में बेचने के लिए ले जाते है, तब थोड़ी सी कमी के कारण वापस कर दिया जाता था और सरकार के अधिकारी हमारे धान की जांच के लिए घर-घर जा कर जांच कर रहे थे, लेकिन उनके खुद के कर्मचारी द्वारा इतनी बड़ी गड़बड़ी को अंजाम दिया गया है तो देखना होगा कि अब सरकार किस प्रकार से कार्यवाही करती है। सरकार से अनुरोध है कि ऐसे कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर आजीवन प्रतिबंध लगा देना चाहिए, ताकि आने वाले समय में किसी भी प्रभारी द्वारा इस तरह से गड़बड़ी न की जा सके।



