पखांजूर। गंभीर संक्रमण के चलते पैर काटने की नौबत तक पहुंच चुकी पखांजूर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 7 की पार्षद सावित्री मजूमदार का पैर सूरजगढ़ माइंस अस्पताल के उपचार से बच गया। करीब 21 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखकर उनका नि:शुल्क इलाज किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पर आवश्यक ऑपरेशन कराया गया, जिसके बाद अब वह अपने पैरों पर चल-फिर पा रही हैं।
सावित्री मजूमदार के पति संदीप मजूमदार ने बताया कि उनकी पत्नी को पहले से एग्जिमा की समस्या थी। खुजली से परेशान होकर उन्होंने काफी पुराना तेल लगा लिया। इसके बाद खुजली करने से पैर की त्वचा कई जगह छिल गई और वहां संक्रमण शुरू हो गया। देखते ही देखते संक्रमण गंभीर हो गया और पैर में बड़े-बड़े घाव हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पैर सडऩे की नौबत आ गई।
परिजनों के अनुसार, दूसरे अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन के साथ पैर काटने की आशंका जताई थी। इलाज का खर्च भी करीब पांच लाख रुपये बताया गया। आर्थिक परेशानी के बीच परिजन सावित्री मजूमदार को सूरजगढ़ माइंस अस्पताल लेकर पहुंचे।
यहां अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें करीब 21 दिनों तक भर्ती रखकर उपचार किया। गंभीर स्थिति को देखते हुए बाहर से विशेषज्ञ डॉक्टर बुलाए गए। विशेषज्ञों की जांच और सलाह के बाद आवश्यक ऑपरेशन किया गया। लगातार उपचार और देखभाल के बाद संक्रमण पर काबू पाया गया और उनका पैर काटने से बच गया।
संदीप मजूमदार ने बताया कि पूरे उपचार के दौरान उनका एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ। अस्पताल में जांच, डॉक्टर की सुविधा, ऑपरेशन, भर्ती और दवाइयों सहित उपचार पूरी तरह नि:शुल्क किया गया। इतना ही नहीं, मरीज के साथ रहने वाले परिजन के लिए भी रहने और भोजन की व्यवस्था नि:शुल्क रही।
सावित्री मजूमदार ने कहा कि सूरजगढ़ माइंस अस्पताल अंदरूनी और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ी राहत बन रहा है। अब महाराष्ट्र के आसपास के क्षेत्रों के साथ छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले और पखांजूर क्षेत्र के लोग भी यहां उपचार का लाभ ले रहे हैं। उनका कहना है कि गंभीर बीमारी के समय नि:शुल्क और बेहतर उपचार मिलना जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी बड़ी मदद से कम नहीं है।
पैर काटने की आशंका के बीच सूरजगढ़ माइंस अस्पताल ने बचाया पार्षद का पैर
गरीब परिवार के लिए राहत बना सूरजगढ़ माइंस अस्पताल,नि:शुल्क इलाज से बचा पार्षद का पैर



