पखांजुर। अखिल भारतीय आदिवासी हल्बा समाज पालीग्राम बारदा में हर वर्ष की भांति धूमधाम से शक्ति दिवस समारोह आयोजित किया गया। सर्व प्रथम गांव के आराध्य देव मारदेव बाबा राजकुंवर बाबा जिमीदारिन माता के गुड़ी से कलश शोभा यात्रा पुरे गांव में निकली गई तत्पश्चात शक्ति पर्व स्थल पर हल्बा आदिवासी समाज के इष्ट देवी दंतेश्वरी आया हल्बा समाज के गौरव शाहिद गेंदसिंह बाऊ, सुखदेव पातर हल्बा, चिंतू देहारी, विरसा मुंडा, महात्मा ज्योतिबा फूले, सावित्रीबाई फुले, भीमराव अम्बेडकर जी की छाया चित्र की पूजा करते हुए सामाजिक ध्वजारोहण किया गया। इस पर्व पर महिला पुरुष वर्ग युवा युवतियों, छात्र छात्राओं के लिए कबड्डी, वालीबॉल, दोड़ कुर्सी दौड़, मटका फोड़, रस्साकसी, जलेबी दौड़, आलू दौड़, एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। सभी सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। अखिल भारतीय आदिवासी हल्बा समाज 18 गढ़ महासभा के महासचिव डॉ कृष्णपाल राणा ने बताया कि देश के अनेक राज्यों में हल्बा समाज के लोग निवास करते हैं 25 दिसंबर को मध्य रात्रि में हल्बा समाज के ऐतिहासिक स्थान बड़ेडोंगर में सभी राज्यों के पांचो महासभा 18 गढ़ महासभा, 32 गढ़ महासभा, बालोद महासभा, महाराष्ट्र महासभा और मध्यप्रदेश महासभा के सगा बिरादर संगठित होकर अखिल भारतीय आदिवासी हल्बा नाम से राष्ट्रीय महासभा का गठन किया गया तभी से प्रति वर्ष 26 दिसंबर को शक्ति दिवस मनाया जाता है इस दिन सभी लोग अपने-अपने घरों में दीपक जलाकर खुशियां मनाते हैं। सामुहिक भोज का आयोजन करते हैं। साथ ही अपने संस्कृति बोली भाषा, परंपरा, रूढ़ी प्रथा संस्कारों की संरक्षण, रोजगार स्वरोजगार कौशल विकास, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने, शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा उत्थान महिला सशक्तिकरण साहित्य आदि विषयों पर विचार विमर्श किया जाता है। प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं, समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले, प्रशासनिक पदों पर चयनित, व्यवसायिक शिक्षा में चयनित समाज के प्रतिभाशाली लोगों को सम्मानित किया जाता है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अनिल कश्यप , सोनुराम देहारी मिथलेश देहारी, भूषण नाग, रामनाथ देहारी, दशमती राणा, बिमला समरथ, शिवजन समरथ, हमेश समरथ, नारायन कोरटिया, किसन बघेल, संतेष बघेल, कृष्णा देहारी, पियर कश्यप, ईतवारू राम कश्यप, आनंद कश्यप, जैनूलाल राना प्रकाश चन्द्र राणा रेवती देहारी छत्तर सिंह राणा चन्दर कश्यप, संपत राना एवं समस्त सगा बिरादर गंगा उपस्थित रहे।



