बिलासपुर। 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट रेलखंड के पूर्ण होने के साथ 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराझरा–रावघाट रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इससे आसपास के ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी तथा शहरों, आवश्यक सेवाओं और आर्थिक अवसरों तक उनकी पहुंच आसान होगी।
प्रमुख लाभ
दल्लीराझरा से रावघाट तक रेल संपर्क: इस रेल लाइन से दल्लीराझरा और रावघाट के बीच रेल कनेक्टिविटी स्थापित हुई है। दल्लीराझरा–ताड़ोकी के बीच पहले से ही यात्री रेल सेवा उपलब्ध है।
प्रमुख शहरों से बेहतर संपर्क: बेहतर रेल कनेक्टिविटी से रायपुर, भिलाई सहित छत्तीसगढ़ के अन्य क्षेत्रों तक आवागमन अधिक सुविधाजनक होगा।
शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच: आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच सुगम होगी।
कृषि एवं स्थानीय व्यापार को बढ़ावा: कृषि उपज एवं स्थानीय व्यावसायिक वस्तुओं के परिवहन में सुविधा होगी, जिससे क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क परिवहन: रेल लाइन के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र तक लौह अयस्क के परिवहन को सुविधा मिलेगी, जिससे इस्पात उद्योग को आवश्यक लॉजिस्टिक सहयोग प्राप्त होगा।
पर्यटन एवं निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा: बेहतर रेल संपर्क से क्षेत्र में पर्यटन, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।
सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति: यह रेल परियोजना आसपास के ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से और मजबूती से जोड़ेगी।
95 कि.मी. लंबी रेल लाइन से सुदूर छग की कनेक्टिविटी होगी सुदृढ़



