रायगढ़। जिले में स्थित शिव शक्ति प्लांट पर ग्रामीणों ने गंभीर पर्यावरण उल्लंघन का आरोप लगाया है। ग्रामवासियों और कृषकों ने कलेक्टर और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायगढ़ को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार प्लांट का केमिकल युक्त पानी और फ्लाई ऐश डस्ट सीधे नदी-नाले में छोड़ा जा रहा है। यही पानी बहकर वाटर चेक डैम में जमा हो रहा है, जहां से गांव व शहर के पीने के पानी का फिल्टर होता है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी जहरीला होने से चर्म रोग, पेट रोग और सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं। खेतों में राख जमने से धान की फसल खराब हो रही है। वहीं प्लांट पिछले 18 वर्षों से बिना इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रीसिपिटेटर (ईएसपी) के खुली चिमनियों से संचालित हो रहा है, जिससे राख और धुएं से वायु प्रदूषण फैल रहा है। नदी में केमिकल मिलने से मछली, कछुआ और केकड़े मर रहे हैं, पूरा जलीय इकोसिस्टम खत्म होने की कगार पर है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल टीम भेजकर नदी, चेक डैम के पानी और हवा के सैंपल लिए जाएं, बिना ईएसपी वाली चिमनियों को बंद कर ईएसपी लगवाया जाए और नदी में केमिकल छोडऩे पर रोक लगाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिवस के भीतर कार्रवाई नहीं होती है तो प्लांट पर तालाबंदी की जाएगी और अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। यह शिकायत रवि शंकर यादव, अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण के नेतृत्व में की गई है।



