रायगढ़. एक ग्रामीण विगत आठ दिन पहले घर से घुमने के लिए निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा, जिससे काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने इसकी रिपोर्ट रैरूमा चौकी में गुम इंसान दर्ज कराया था, जिसकी शनिवार शाम को मांड नदी किनारे उसकी लाश मिली है। घटना की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के रैरूमा चौकी अंतर्गत ग्राम भालूपखना निवासी मानसाय मांझी (57 वर्ष) विगत 17 जुलाई को अपने चचेरे भाई के घर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटा। जिससे परिजन उसकी काफी तलाश किया, लेकिन कोई पता नहीं चला। इससे 23 जुलाई को रैरूमाखुर्द चौकी में गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस दौरान शनिवार शाम करीब 4 बजे ग्राम चिड़ोडीह निवासी एक ग्रामीण ने अपने खेत की ओर जा रहा था, इसी दौरान उसने देखा कि मांड नदी के किनारे कोहा पेड़ के पास झाडिय़ों में शव पड़ा था। जिससे इसकी सूचना उसके गांव के लोगों को दिया, जिससे उसके परिजन भी मौके पर पहुंचे और उसकी पहचान मानसाय मांझी के रूप में किया। इससे परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दिया। वहीं मृतक की पत्नी पंचोबाई मांझी ने पुलिस को बताया कि मानसाय की किसी से कोई दुश्मनी या विवाद नहीं था। इससे आशंका है कि नदी के तेज बहाव में जाने के कारण डूबने से उसकी मौत हुई है। इससे प्रथम दृस्टिया मृतक कि मौत पानी में डूबने से होना प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर पीएम उपरांत शव परिजनों को सौपते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं पुलिस का कहना है कि अब पीएम रिपोर्ट आने के बाद मर्ग जांच उपरांत ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
आठ दिन से लापता ग्रामीण की मांड नदी में मिली लाश



