रायगढ़, जिले में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने और शैक्षणिक योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय प्राचार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने सृजन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिले के शासकीय विद्यालयों की शैक्षणिक एवं विभागीय गतिविधियों की 33 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की। बैठक में योजनाओं की प्रगति, विद्यार्थियों से जुड़ी सुविधाओं, पोर्टल आधारित कार्यों, परीक्षा एवं पाठ्यक्रम की स्थिति तथा विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के उपयोग की जानकारी ली गई। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू, डीएमसी श्री आलोक स्वर्णकार, समस्त एपीसी, बीईओ एवं जिले के सभी प्राचार्य उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने कहा कि विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना अधिकारियों एवं प्राचार्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है। शासन द्वारा विद्यार्थियों के हित में अनेक योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक समय पर पहुंचे। उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, पाठ्यक्रम समय पर पूर्ण करने तथा परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी सामने आने पर उसका तत्काल समाधान किया जाए। विभागीय योजनाओं की प्रगति केवल कागजी कार्रवाई या पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक प्रभाव विद्यालयों और विद्यार्थियों के स्तर पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सभी प्राचार्यों को अपने-अपने विद्यालयों की नियमित समीक्षा करने तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में एक विकासखंड शिक्षा अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिला पंचायत सीईओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए।
33 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा
समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग से संबंधित 33 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बारीकी से चर्चा की गई। इसमें सेवा संकल्प अभियान, इंस्पायर अवार्ड, एमबीयू अपडेशन, माय भारत पोर्टल पंजीयन, बालवाड़ी मॉनिटरिंग एवं एनएमवी की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, सत्र 2026-27 की नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों की प्राप्ति एवं वितरण, पाठ्यक्रम पूर्णता तथा छात्रवृत्ति पंजीयन की स्थिति की जानकारी ली गई। बैठक में प्रशस्त एप में पंजीयन, राष्ट्रीय साधन-सह-प्रवीण्य छात्रवृत्ति, त्रैमासिक परीक्षा की तैयारी, यूडीआईएसई पोर्टल में विद्यार्थियों के प्रमोशन तथा जाति प्रमाण-पत्र से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
स्मार्ट क्लास और डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर
विद्यालयों में आईसीटी एवं स्मार्ट क्लास की उपलब्धता और उनके उपयोग की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों एवं प्राचार्यों को विद्यालयों में उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग विद्यार्थियों की पढ़ाई को रोचक, सहज एवं प्रभावी बनाने के लिए करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा एचपीवी वैक्सीनेशन, क्विज टाइम टेबल, पीएमश्री स्कूल, सीएम हेल्पलाइन, ज्ञान वाटिका, केजीबीवी, एसएनए स्पर्श और जेम पोर्टल सहित अन्य विभागीय विषयों की भी बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को विद्यार्थियों से संबंधित कार्यों में संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।



