खरसिया। खरसिया स्थित अपर सत्र न्यायालय की विद्वान न्यायाधीश श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए टंगिया (कुल्हाड़ी) से जानलेवा हमला कर हत्या करने के मामले में चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। प्रकरण में जोबी चौकी प्रभारी लक्ष्मीनारायण राठौर की त्वरित जांच, समय पर जुटाए गए अकाट्य सबूतों और अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी द्वारा प्रस्तुत किए गए मजबूत कानूनी तर्कों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया।
मामले का विवरण देते हुए अभियोजन पक्ष ने बताया कि पीडि़ता सुकमति साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना 7 जुलाई 2025 की दोपहर लगभग 2:30 बजे ग्राम कोठीकुंडा की है। आरोपी जानकी साहू ने मुख्य मार्ग पर बड़ा बांस रखकर मोटरसाइकिल से जा रहे तिहारू साहू का रास्ता रोक लिया। इसके बाद जानकी ने अपने बेटे विकास साहू, भाई भुनेश्वर साहू और बहन के साथ मिलकर गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान विकास साहू ने लोहे की टंगिया से तिहारू साहू पर जानलेवा हमला कर गंभीर चोट पहुंचाई।
इनको मिली सजा
सजा पाने वाले आरोपियों में विकास साहू (23 वर्ष), निवासी- कोठीकुंडा, भुनेश्वर साहू (38 वर्ष), निवासी- तिउर, थाना खरसिया, जानकी साहू (45 वर्ष), निवासी- कोठीकुंडा, जया साहू (33 वर्ष), निवासी- भागोड़ीह (वर्तमान पता- तिउर) शामिल है।
इलाज के दौरान हुई थी मौत
गंभीर रूप से घायल तिहारू साहू को बिलासपुर के स्वास्तिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान 12 जुलाई 2025 को उनकी मौत हो गई। प्रारंभ में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 118(1), 126(2), 296, और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया था। मौत के बाद मामले में धारा 103(1) (हत्या) जोड़ी गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी विकास साहू से घटना में प्रयुक्त टंगिया जब्त कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था, जिन्हें अब अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।



