रायपुर। छत्तीसगढ़ में एच-1एन-1 (स्वाइन फ्लू) के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। 8 सितंबर प्रदेश में एक दिन में 46 नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा 19 मरीज रायपुर से हैं। इसके बाद दुर्ग में 4, बिलासपुर और कोरबा में 3-3, जबकि बालोदाबाजार, बस्तर और महासमुंद में 2-2 नए मरीज मिले हैं। 1 जनवरी 2026 से 8 सितंबर तक प्रदेश में एच-1एन-1 के कुल 298 मरीज पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इनमें से 113 मरीज अभी एक्टिव हैं। एक्टिव मरीजों में 81 अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 32 मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है। अब तक के कुल मामलों में रायपुर सबसे आगे है। जिले में 127 पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। यानी प्रदेश में मिले कुल 298 मामलों में करीब 43त्न मरीज अकेले रायपुर से हैं। बिलासपुर में 38, दुर्ग में 40 और कोरबा में 19 मरीज अब तक सामने आए हैं। रायगढ़ में 12 और धमतरी में 9 मरीज मिले हैं।
8 सितंबर को मिले 46 नए मरीजों में से 19 रायपुर के हैं, यानी एक दिन में सामने आए नए मामलों का करीब 41त्न हिस्सा रायपुर से है। इसके अलावा दुर्ग में 4, बिलासपुर और कोरबा में 3-3, बालोदाबाजार, बस्तर और महासमुंद में 2-2 तथा जांजगीर-चांपा, कोंडागांव, मुंगेली और सुरगुजा में 1-1 नया मरीज मिला है। दूसरे राज्यों से भी 5 पॉजिटिव मरीज रिपोर्ट हुए हैं। कुल 298 पॉजिटिव मरीजों में से फिलहाल 113 एक्टिव केस हैं। इनमें करीब 72 प्रतिशत यानी 81 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं 32 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। इसका मतलब है कि अभी इलाज करा रहे मरीजों में बड़ी संख्या अस्पतालों में है। अब तक बिलासपुर में 38, दुर्ग में 40, रायपुर में 127, कोरबा में 19 और रायगढ़ में 12 मरीज मिल चुके हैं। धमतरी में 9, महासमुंद में 7, राजनांदगांव में 6, बस्तर में 5, बालोदाबाजार और जांजगीर-चांपा में 4-4 तथा बालोद और बेमेतरा में 3-3 मरीज मिले हैं। बाकी जिलों में मामले 1 से 2 के बीच हैं।
एच-1एन-1 इन्फ्लुएंजा वायरस का एक प्रकार है। इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं, जिनमें बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी शामिल हैं। कुछ मरीजों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है, खासकर जब सांस लेने में परेशानी जैसी स्थिति सामने आए। ऐसे लक्षण होने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में ॥1हृ1 से अब तक कोई मौत दर्ज नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों की निगरानी और उपचार कर रहा है। डॉ. विकास अग्रवाल के मुताबिक बुखार के साथ लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या बहुत ज्यादा कमजोरी जैसे लक्षण हों तो इसे सामान्य वायरल समझकर खुद से दवा नहीं लेनी चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है। स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली बूंदों और नजदीकी संपर्क से फैल सकता है। अगर लक्षण लगातार बने रहें या हालत बिगड़ती लगे तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 46 नए मरीज मिले
इनमें सबसे ज्यादा रायपुर से 19 मरीज, अब तक 127 मरीज निकले; प्रदेश से कुल 298



