धरमजयगढ ़(ऋषभ तिवारी)। एनएच-130ए के तहत प्रस्तावित भारतमाला सडक़ निर्माण को लेकर धरमजयगढ़ के वार्ड क्रमांक 10 तेन्दुमार के निवासियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की चर्चा के बीच ग्रामीणों ने भू-अर्जन, मुआवजा और प्रभावित परिवारों के अधिकारों को लेकर प्रशासन से स्पष्ट जानकारी की मांग की है।
इसी सिलसिले में वार्डवासियों ने बैठक कर अपनी चिंताओं पर चर्चा की और मंगलवार को धरमजयगढ़ एसडीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि सडक़ निर्माण से प्रभावित होने वाली भूमि, मकान एवं अन्य संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक किया जाए तथा प्रस्तावित सडक़ की वास्तविक सीमा और मार्गरेखा की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने भू-अर्जन की वर्तमान स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी, प्रभावित भूमि एवं संपत्तियों के मुआवजे के निर्धारण और भुगतान की प्रक्रिया स्पष्ट करने, तथा प्रभावित परिवारों को भू-अर्जन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग रखी है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग यह भी है कि भू-अर्जन और मुआवजे से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए बिना प्रभावित भूमि पर निर्माण कार्य शुरू न किया जाए। इसके अलावा वार्डवासियों और प्रभावित परिवारों के साथ प्रशासन की बैठक आयोजित कर पूरी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।
वार्डवासियों का कहना है कि वे सडक़ निर्माण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन विकास कार्य के दौरान प्रभावित परिवारों के अधिकारों और हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। पहले पूरी जानकारी और प्रक्रिया स्पष्ट की जाए, इसके बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए। मामले को एसडीएम ने संज्ञान में लेते हुए ग्रामीणों को जल्द आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन या मुआवजे से संबंधित किसी भी समस्या को लेकर प्रभावित लोग उनसे मिलकर चर्चा कर सकते हैं।
भारतमाला सडक़ में भू-अर्जन और मुआवजे को लेकर असमंजस!
प्रभावितों ने पारदर्शिता की मांग को लेकर स्थानीय प्रशासन को सौंपा ज्ञापन



