रायगढ़। जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ अभियान 7 दिनों तक चलाया गया। इस दौरान जिले के अलग-अलग होटल-ढाबों और खाद्य सामग्री के थोक विक्रेताओं के यहां जांच की गई। अभियान के दौरान 17 प्रतिष्ठानों से खाद्य सामग्री के 30 सैंपल लिए गए। सभी सैंपल जांच के लिए रायपुर की लैब भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट त्योहार के बाद करीब 15 से 20 दिनों में आने की उम्मीद है।
‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ अभियान 17 से 23 अगस्त तक चलाया गया। इस दौरान अधिकारियों ने शक के आधार पर खोवा, मैसूर पाक, नमकीन, बर्फी, कलाकंद, शाही पनीर, पका हुआ चावल और बूंद लड्डू समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए। विभाग ने सभी सैंपल नियमों के तहत जांच के लिए रायपुर की लैब भेजे हैं। जांच के दौरान कई होटल और रेस्टोरेंट में भी खामियां मिलीं। कहीं वेज और नॉनवेज सामान एक साथ रखा गया था, तो कहीं साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं थी। खरसिया की चुहड़मल पोटूमल होलसेल किराना दुकान में एक्सपायरी सामान बेचते हुए भी पाया गया। विभाग ने ऐसे सामान को नष्ट कर दिया। वहीं, खाद्य पदार्थों के सैंपल की रिपोर्ट त्योहार के बाद करीब 15 से 20 दिनों में आने की बात कही जा रही है। ऐसे में जिन खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए हैं, उनकी रिपोर्ट आने से पहले ही रक्षाबंधन पर बिक्री होने की संभावना है। इससे अगर कोई सैंपल गुणवत्ताहीन पाया जाता है तो संबंधित खाद्य सामग्री लोगों तक पहुंच सकती है। इसे लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है।
इन दुकानों और होटल-रेस्टोरेंट में पहुंची जांच टीम
7 दिनों तक चले अभियान के दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 17 होटल, रेस्टोरेंट और दुकानों की जांच की गई। इस दौरान कई जगहों से खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए और उन्हें जांच के लिए भेजा गया। जिन प्रतिष्ठानों में टीम पहुंची, उनमें कलकत्ता स्वीट्स, चावला रेस्टोरेंट, मेहर रेस्टोरेंट छपोरा पुसौर, अलंकार रेस्टोरेंट, विजय जनरल स्टोर धौराभांठा, पंडित भोजनालय, आशीर्वाद ट्रेडर्स, डनसेना जनरल स्टोर छपोरा, कतोरे रेस्टोरेंट, साखी ट्रेडर्स, देव स्वीट्स और ममता फाइन डाइन रेस्टोरेंट शामिल हैं। इसके अलावा टीम ने श्याम स्वीट्स, केएमपी स्वीट नमकीन, हार्टबीट पतरापाली, राजस्थान होटल और गजेन्द्र तवन खरसिया में भी जांच की। इन जगहों से लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
मोबाइल वैन लैब खराब
जिन होटल और रेस्टोरेंट से खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए हैं, उनकी जांच मोबाइल वैन लैब में भी की जा सकती थी। लेकिन खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की मोबाइल वैन लैब पिछले करीब 5-6 महीने से खराब पड़ी है। मोबाइल लैब खराब होने के कारण सैंपल जांच के लिए रायपुर भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने में समय लगने की वजह से त्योहार के दौरान सैंपल वाली खाद्य सामग्री की बिक्री भी हो सकती है।
रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
फूड एंड सेफ्टी विभाग की अभिहित अधिकारी सुधा चौधरी ने बताया कि 30 सैंपल जांच के लिए रायपुर भेजे गए हैं। ज्यादा संख्या में सैंपल भेजे जाने के कारण रिपोर्ट आने में करीब 15 से 20 दिन लग सकते हैं। उन्होंने बताया कि मोबाइल लैब वैन खराब होने की जानकारी उच्च अधिकारियों को पत्र के माध्यम से दी गई है। इसके लिए बजट की भी मांग की गई है। जल्द ही नई मोबाइल लैब वैन मिलने की उम्मीद है। फिलहाल सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान जो एक्सपायरी सामान मिला था, उसे जब्त कर लिया गया है।



