रायगढ़। कला, संस्कृति और साहित्य की सुरभि से सराबोर रायगढ़ नगरी के मध्य सतीगुड़ी चौक पर स्थित श्री भरतकूप शिव मंदिर अपनी अनोखी विशेषता के कारण श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। पंडित कमल किशोर शर्मा बताते है! नगर के दानवीर सेठ किरोड़ीमल द्वारा निर्मित इस मंदिर में शिवलिंग के साथ भैया भरत, हनुमान जी और मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित है।
कब और किसने कराया निर्माण
विक्रम संवत 2021 में नगर सेठ किरोड़ीमल ने सतीगुड़ी चौक पर इस श्वेत पाषाण संगमरमर युक्त मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर को बने 59 वर्ष हो चुके हैं। मंदिर के मध्य शिवलिंग के समीप माता पार्वती, गणेश जी, कार्तिकेय और नंदी विराजमान हैं। वहीं पूजन कक्ष में रामभक्त हनुमान, दशरथ पुत्र भरत और माता दुर्गा की प्रतिमा मंदिर की गरिमा बढ़ाती हैं। लाल ध्वजा से सुशोभित गुंबद, 3 प्रवेश द्वार और चारों ओर चौपाइयों से अलंकृत दीवारें इसकी शोभा बढ़ाती हैं। मंदिर परिसर में चार ऊंची मीनारें प्रतिहारी की भांति खड़ी हैं।
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है ‘भरत कूप’। मान्यता है कि इस कूप के जल में 27 पवित्र कूपों का जल मिश्रित है। पुजारी पं. कमल किशोर शर्मा बताते हैं- इसी कारण इस जल को विशेष पूजा में उपयोग किया जाता है। जैसे यदि किसी पिता को पंचक या ग्रह-नक्षत्र के कारण नवजात शिशु का मुख नहीं देख पाता, तो वह 27 कूपों के जल के लिए भरत कूप का जल लेकर विधिवत पूजा कर शिशु का मुख देख सकता है। छोटे-बड़े हवन, पूजा और शुभ कार्यों में भी इस जल को विशेष दर्जा प्राप्त है।
45 साल तक सेवा की पं. बैजनाथ शर्मा ने
वर्तमान पुजारी पं. कमल किशोर शर्मा ने बताया कि उनके पिता पं. बैजनाथ शर्मा ने करीब 45 साल तक इस मंदिर की सेवा की। उनके निधन के बाद से कमल शर्मा पूजा-अर्चना कर रहे हैं। हर वर्ष महाशिवरात्रि और सावन शिवरात्रि पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है। हजारों श्रद्धालु शिव के दर्शन को आते हैं। दिनभर भजन-कीर्तन होता है। हनुमान जयंती और दोनों नवरात्रि में भी यहां विशेष पूजा होती है।
सावन में विशेष आयोजन
सावन मास प्रारंभ होते ही मंदिर में विशेष तैयारियां की गई हैं। पं. कमल शर्मा ने बताया कि- हर सावन सोमवार को रुद्राभिषेक का आयोजन होगा। शाम को भजन-कीर्तन में शहर की मंडलियां भोलेनाथ और माता पार्वती का गुणगान करेंगी। मंदिर का रंग-रोगन और सजावट की जा रही है ताकि भक्तों को असुविधा न हो, जो भी भक्त रुद्राभिषेक कराना चाहे, वे व्यक्तिगत, परिवार या सामूहिक रूप से करा सकते हैं। संपर्क: 98271 77019, सावन में सुबह से रात तक जलाभिषेक के लिए भक्तों की कतार लगती है। मान्यता है कि सावन में शिव पूजा से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। रायगढ़ का यह भरतकूप शिव मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि रायगढ़ की संस्कृति और इतिहास का भी जीवंत प्रमाण है।



