रायगढ़। रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट बंद होने के बाद वैकल्पिक गेट से अंदर तक आटो चालक सवारी के लिए घुस जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को निकलना व घुसना मुश्किल हो रहा है। इसके बाद भी व्यवस्था सुधारने के लिए यहां जवानों की तैनाती नहीं होने से यात्रियों को आक्रोश पनने लगा है।
उल्लेखनीय है कि रेलवे स्टेशन में विगत तीन साल से सौंदर्यीकरण कार्य चल रहा है, लेकिन धीमी गति के चलते अभी काम पूरा नहीं हो पाया है, साथ ही कितने दिनों में काम पूर्ण होगा, इस बात की विभागीय अधिकारियों को भी नहीं है। ऐसे में मुख्य प्रवेश द्वार पर चल रहे सौंदर्यीकरण के चलते पिछले माह से मुख्य द्वार को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, लेकिन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन के अगले और पिछले छोर पर वैकल्पिक गेट खोले गए हैं, ताकि आवागमन सुचारु रह सके। हालांकि जब यात्री ट्रेन पहुंचती है तो इन छोटे गेट पर यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण भीड़ की स्थिति बन जाती है, लेकिन इसके बाद भी इस वैकल्पिक गेटों पर आटो चालकों द्वारा अघोषित रूप से खड़े हो जाने के कारण यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश करने और बाहर निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कई बार तो आटो चालक प्लेट फार्म तक पहुंच कर यात्रियों को अपने आटो तक ले आते हैं। इससे और अधिक भीड़ की स्थिति निर्मित हो रही है। इस अव्यवस्था के बावजूद, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवान मौके से नदारद रहते हैं। उनकी अनुपस्थिति में आटो चालक मनमानी करते हैं और कोई भी व्यवस्था सुधारने वाला नहीं दिखता। यात्रियों का आरोप है कि यहां जवानों की तैनाती नहीं होने के कारण हर दिन इस तरह की समस्या बन रही है। ऐसे में जब तक मुख्य गेट खुल नहीं जाता तब तक इस तरह की समस्या से जुझना पड़ेगा।
जब से स्टेशन का मुख्य गेट बंद हुआ है तब से आटो चालक भी अपना स्थान बदल दिए हैं। ऐसे में इन दिनों ज्यादातर आटो चालक स्टेशन के अगले छोर पर बने वैकल्पिक गेट के सामने कतार से खड़े कर दे रहे हैं। इससे ट्रेन के आते ही जाम की स्थिति निर्मित हो जा रही है। हालांकि यह भीड़ करीब 15 मिनट का रहता है, लेकिन इस थोडे समय में स्थिति ऐसी बनती है कि अगर खुद को न सम्हालों तो हादसे का भी शिकार हो सकते हैं।
रेलवे स्टेशन के वैकल्पिक गेट पर आटो चालकों का कब्जा, यात्री हो रहे परेशान



