बिलासपुर। यात्रियों की सुरक्षा भारतीय रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारतीय रेल प्रतिदिन करोड़ों यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं विश्वसनीय यात्रा सुविधा उपलब्ध करा रही है। चलती ट्रेन में चढऩे या उतरने का प्रयास करना जानलेवा साबित हो सकता है। इसके बावजूद कुछ यात्री जल्दबाजी अथवा लापरवाही के कारण चलती ट्रेन में चढऩे या उतरने का प्रयास करते हैं, जिसके कारण गंभीर दुर्घटनाएँ घटित हो जाती हैं। हाल ही में रेलवे स्टेशनों पर हुई कई घटनाओं में यात्रियों की लापरवाही के कारण गंभीर दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनमें कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं और कुछ की जान भी चली गई है।
चलती ट्रेन की गति का सही अनुमान लगाना लगभग असंभव होता है। अक्सर ट्रेन की वास्तविक गति दिखाई देने वाली गति से अधिक होती है, जिसके कारण यात्री संतुलन खो सकता है। केवल एक क्षण की असावधानी या पैर फिसलने से यात्री ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिर सकता है, जिससे गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक करने एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन द्वारा विभिन्न स्तरों पर निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। स्टेशनों पर उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से नियमित रूप से सुरक्षा संबंधी संदेश भी प्रसारित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर सुरक्षा संदेश, जनहित अपील एवं जागरूकता वीडियो नियमित रूप से साझा किए जा रहे हैं। वाणिज्य विभाग तथा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारी एवं कर्मचारी स्टेशन परिसरों में यात्रियों को सुरक्षा नियमों की जानकारी देकर उन्हें सुरक्षित यात्रा के लिए निरंतर प्रेरित भी कर रहे हैं।
रेलवे प्रशासन की अपील
बिलासपुर मंडल रेलवे प्रशासन सभी यात्रियों से आग्रह करता है कि अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। ट्रेन के पूर्णत: रुकने के बाद ही उसमें चढ़ें अथवा उतरें। चलती ट्रेन पकडऩे या उससे उतरने का प्रयास कभी न करें। सुरक्षित यात्रा, सुखद यात्रा आपकी सजगता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।



