सारंगढ़। जिपं अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय ने कहा कि – मोदी के नेतृत्व में परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, दोषियों के लिए 10 वर्ष तक की कड़ी सजा और 10 करोड रुपये जुर्माना के साथ सख्त जमानत प्रावधान और दोषी पाए जाने पर संबंधित कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई जैसे प्रावधानों वाला कानून तैयार किया जा रहा है।पांडे ने कहा कि इससे यह संदेश गया है कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।संजय पांडे ने कांग्रेस व इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष का उद्देश्य कभी भी छात्रों को न्याय दिलाना नहीं था, बल्कि इस मुद्दे के माध्यम से देश में भ्रम व असंतोष का माहौल बनाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास किया, लेकिन सरकार की निर्णायक पहल के बाद उसका एजेंडा जनता के सामने उजागर हो गया। पांडे ने कहा कि – देश का युवा आज जागरूक है और वह यह समझता है कि कौन उसके भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस फैसले ले रहा है और कौन केवल राजनीति बयान बाजी कर रहा है। भाजपा सरकार हर प्रतिभाशाली छात्र के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जिपं अध्यक्ष संजय ने विश्वास जताया कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के प्रस्तावित कदम देश के युवाओं का विश्वास को मजबूत करेंगे तथा भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा।



