धरमजयगढ़। भारतमाला सडक़ परियोजना के तहत रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र स्थित सिसरिंगा घाट में सडक़ के एलाइनमेंट को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। उपलब्ध उपग्रह चित्रों में बंजारी मंदिर के सामने सडक़ का एलाइनमेंट अपनी सामान्य दिशा से विचलित दिखाई देता है। इसी स्थान के समीप हाई टेंशन विद्युत टावर भी मौजूद है। ऐसे में यह जांच का विषय बन गया है कि एलाइनमेंट में यह परिवर्तन किस तकनीकी आधार पर किया गया और इसके लिए किस सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त हुई।
उपलब्ध उपग्रह चित्रों का अवलोकन यह संकेत देता है कि सडक़ का एक हिस्सा सीधी दिशा से हटकर निर्मित हुआ है। यदि स्वीकृत एलाइनमेंट और वास्तविक निर्माण में अंतर पाया जाता है, तो यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक होगा कि परिवर्तन किन परिस्थितियों में स्वीकृत किया गया।
मौके पर सामुदायिक शौचालय, प्रतीक्षालय, सार्वजनिक उपयोग का कुआं, वन क्षेत्र के पेड़ों तथा वन अधिकार पट्टा से संबंधित भूमि एवं निर्माण प्रभावित होने के तथ्य सामने आए हैं। इन परिस्थितियों में यह भी स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि प्रभावित परिसंपत्तियों और अधिकारधारकों के संबंध में विधि अनुसार आवश्यक प्रक्रिया का पालन किया गया था अथवा नहीं।
मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यदि सडक़ के मूल एलाइनमेंट में परिवर्तन किया गया, तो क्या इसके लिए सभी आवश्यक तकनीकी परीक्षण, विभागीय अनुमतियां तथा वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त थीं। इसी प्रकार यह भी स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि परियोजना का निर्माण स्वीकृत राइट ऑफ वे की सीमा के भीतर हुआ या किसी संशोधित स्वीकृति के आधार पर।
धरमजयगढ़ के वन मंडलाधिकारी जितेन्द्र कुमार उपाध्याय ने बताया कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि तीन से चार दिनों में जांच रिपोर्ट प्राप्त होने की संभावना है तथा रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब पूरे मामले का निष्कर्ष जांच रिपोर्ट, स्वीकृत अभिलेखों और संबंधित विभागों के आधिकारिक दस्तावेजों पर निर्भर करेगा। यदि जांच में एलाइनमेंट परिवर्तन, प्रक्रिया संबंधी त्रुटियां अथवा अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो जिम्मेदारी तय होना स्वाभाविक होगा। वहीं यदि निर्माण पूर्णत: स्वीकृत प्रक्रिया के अनुरूप पाया जाता है तो वह स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।
सिसरिंगा घाट का यह टेढ़ा एलाइनमेंट फिलहाल कई ऐसे प्रश्न छोड़ गया है, जिनका उत्तर अब जांच रिपोर्ट ही दे सकती है। आखिर सडक़ तकनीकी आवश्यकता के कारण मुड़ी थी, या इसके पीछे कोई अन्य कारण थाकृइसका खुलासा अब जांच के बाद ही होगा।
भारतमाला की सडक़ आखिर किसके लिए मुड़ी?
सिसरिंगा घाट का टेढ़ा एलाइनमेंट बना जांच का बड़ा विषय



