रायगढ़। जिला बदर किए गए एक आदतन अपराधी ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए एसपी कार्यालय में हाईवोल्टेज ड्रामा किया। आरोपी अपने साथ पेट्रोल लेकर पहुंचा और खुद पर पेट्रोल छिडक़कर आग लगाने की कोशिश करने लगा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर शुक्रवार को शहर में उसका जुलूस निकाला।
पुलिस के मुताबिक स्टेशन रोड निवासी चाहत शुक्ला (29) के खिलाफ मारपीट सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों के चलते जिला प्रशासन ने उसे जिला बदर किया था। इसके बावजूद वह गुरुवार को एसपी कार्यालय पहुंच गया और नशे की हालत में हंगामा करने लगा। हंगामे के दौरान आरोपी अपने साथ लाया पेट्रोल खुद पर छिडक़कर आग लगाने का प्रयास करने लगा। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत काबू कर लिया और हिरासत में लेकर कोतवाली थाना पहुंचाया। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए अपराध दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने उसका पैदल जुलूस गोपी टॉकीज रोड से एसडीएम कोर्ट तक निकाला। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
जिला बदर आदेश का किया उल्लंघन
जिला मुख्यालय डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने बताया कि चाहत शुक्ला के खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। जिला दंडाधिकारी ने 23 मार्च 2026 को उसे एक वर्ष के लिए रायगढ़ और सीमावर्ती जिलों से बाहर रहने का आदेश दिया था। डीएसपी ने बताया कि जिला बदर आदेश प्रभावी रहने के बावजूद आरोपी एसपी कार्यालय पहुंचकर हंगामा करता मिला। उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है और जिला बदर आदेश के उल्लंघन की रिपोर्ट भी जिला दंडाधिकारी न्यायालय में प्रस्तुत की गई है।
कई आपराधिक मामले दर्ज
चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ कोतवाली थाने में मारपीट समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए प्रशासन ने साल 2024 में उसे एक साल के लिए जिला बदर किया था। जिला बदर की अवधि पूरी होने के बाद भी उसकी गतिविधियों में सुधार नहीं आया। साल 2025 में फिर से मारपीट के मामले में कार्रवाई के बाद उसके खिलाफ दोबारा जिला बदर की कार्रवाई के लिए जिला दंडाधिकारी रायगढ़ को प्रतिवेदन भेजा गया।
इन जिलों से बाहर रहने का था आदेश
प्रतिवेदन के आधार पर जिला दंडाधिकारी रायगढ़ ने 23 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क) एवं (ख) के तहत चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य को एक साल के लिए रायगढ़ जिले के साथ-साथ सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, कोरबा और जशपुर जिले की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया था। इसके बावजूद उसने जिला बदर आदेश का उल्लंघन करते हुए रायगढ़ जिले में प्रवेश किया, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।



