रायगढ़। बिजली विभाग ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तेज कर दी है, ताकि इस माह के अंत तक हर घर स्मार्ट मीटर से लैस हो सके। वहीं इसका विरोध करने वाले उपभोक्ताओं को पहले संतुष्ट किया जाएगा, इसके बाद भी अगर कोई विरोध करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इसको लेकर अब विभागीय कर्मचारी पूरी जोर-शोर से स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि जिले में विगत दो साल से स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है, लेकिन अभी तक यह कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। ऐसे में जून माह के अंत तक शासकीय कार्यालयों को स्मार्ट मीटर से लैस होने के बाद अब पूरा फोकस आम उपभोक्ताओं पर कर दिया गया है। जिसको लेकर हर दिन टीम शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में निकल रही है और उपभोक्ताओं को समझाईश देने के साथ उसे संतुष्ट करते हुए स्मार्ट मीटर लगाना शुरू कर दिया है। वहीं बताया जा रहा है कि इस साल के अंत तक जिले के सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगा दिया जाएगा। वहीं अधिकारियों की मानें तो जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जीनस कंपनी को दिया गया है जो लगातार काम कर रही हैं, जिसकी लगातार मानिटरिग भी किया जा रहा है। साथ ही विभाग ने चेतावनी दी है कि जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने घरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगवाए हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। उपभोक्ताओं की संतुष्टि और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग ने एक विशेष प्रावधान किया है। इसके तहत, स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद एक सप्ताह तक नए मीटर के साथ पुराने मीटर भी समानांतर रूप से चलेंगे। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को दोनों मीटरों के पठन की तुलना करने और किसी भी भ्रम को दूर करने का अवसर देगी। बिजली विभाग ने इस माह के अंत तक हर घर में स्मार्ट मीटर अपडेट करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में ईई आरके राव ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगवाना हर उपभोक्ता की जिम्मेदारी है। क्योंकि इस मीटर से हर दिन की खपत की पूरी जानकारी तत्काल मिलेगी, इससे उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार ही खपत कर सकेंगे। इसको लेकर अब मीटर लगाने वाली संबंधित कंपनी भी कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी है, ताकि यह कार्य जल्द पूर्ण हो सके। ऐसे में अगर मीटर लगाने वाले कर्मचारियों से बदसलुकी किया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। साथ ही अगर किसी उपभोक्ता को लगता है कि स्र्माट मीटर में ज्यादा बिल आता है तो पुराने मीटर के साथ नए मीटर को लगाया जाएगा, ताकि एक सप्ताह में यह पता चल सके कि पुराने मीटर में कितना रिडिंग आ रहा है और नए मीटर में कितना रीडिंग आ रहा है, इससे मैच कर उपभेाक्ता को संतुष्ट किया जाएगा।
अफवाहों पर उपभोक्ता न दें ध्यान
इस संबंध में विभागीय सूत्रों की मानें तो लोगों में इस बात की अफवाह बनी है कि नए स्मार्ट मीटर में अधिक बिल आता है, जिसको लेकर कुछ उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में विभाग ने भरोसा दिलाया है कि वह इस समस्या का भी समाधान किया जाएगा और उपभोक्ताओं की सभी शंकाओं का निवारण भी होगा, क्योंकि स्मार्ट मीटर लगाना अतिआवश्यक है। इस मीटर में विद्युत खपत की सही जानकारी मिलने से उपभोक्ता अपने जरूरत के हिसाब से ही खपत करेंगे, जिससे जहां अधिक बिजली खपत से राहत से मिलेगी।



