रायगढ। बरसात के मौसम में जहरीले जीवों के प्रकोप से बचाव के लिए जिला अस्पताल और एमसीएच में दवा छिडक़ाव का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। गत वर्ष अस्पतालों में लगातार सर्प निकलने की घटनाओं को देखते हुए इस वर्ष अस्पताल प्रबंधन ने बरसात के पहले ही तैयारी की है, ताकि आने वाले दिनों में मरीज व परिजनों को इन जीवों से बचाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि एकताल रोड पर स्थित मदर एण्ड चाइल्ड अस्पताल पहाड़ के नजदीकी होने के कारण बरसात के दिनों में यहां चूहा से लेकर जहरीले जीव व सर्प के अस्पताल के वार्ड तक पहुंच जाते हैं, जिससे जहां मरीजों के उपचार में दिक्कत होती है तो वहीं उनके परिजनों को भी काफी दिक्कत होती है। इसको देखते हुए अस्पताल प्रबंधन द्वारा बारिश के पहले ही तैयारी शरू कर दी गई है। इसके लिए अस्पताल की तरफ से फ्रेस कंट्रोल टीम से कोटेशन लेकर दवा का छिडक़ाव शुरू कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित टीम अब हर सप्ताह जिला अस्पताल और मदर एण्ड चाइल्ड अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर दवा का छिडक़ाव करते हुए परिसर की गहन जांच भी करेगी, ताकि जहरीले जीव की उपस्थिति का समय रहते पता लगाया जा सके। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अस्पताल का वातावरण मरीजों और स्टाफ के लिए पूरी तरह सुरक्षित बना रहे। चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान सर्प, बिच्छू जैसे जहरीले जीव का निकलना सामान्य बात है, लेकिन अस्पतालों जैसे संवेदनशील स्थानों पर इनकी उपस्थिति चिंता का विषय बन जाती है। पिछले वर्ष कई बार मरीजों के वार्डों और परिसर में सर्प देखे गए थे, जिससे मरीजों व उनके परिजनों में भय का माहौल बन गया था। इसी को लेकर इस बार पहले से व्यवस्था की गई है।
हर माह 25 हजार रुपए होंगे खर्च
अस्पताल आने वाले मरीजों को एक सुरक्षित और स्वच्छ परिवेश उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अस्पताल प्रबंधन द्वारा यह टेंडर किया गया है। इसके लिए हर माह करीब 25 हजार रुपए खर्च होने की बात कही जा रही है। इससे हर टीम हर सप्ताह अस्पाल का दौरा करते हुए अस्पताल जहरीले जीव से पूरी तरह से सुरक्षित है या नहीं इसकी भी रिपोर्ट अस्पताल प्रंबंधन को सौंपेगी। ताकि यहां उपचार के लिए आने वाले मरीज व परिजन भय मुक्त होकर उपचार करा सके।
पिछले बाद बंद करना पड़ा था वार्ड
पिछले साल एमसीएच में कभी सर्प तो कभी अन्य जीव के लगातार निकलने के कारण कई दिनों तक वार्ड व शौचालय को बंद करना पड़ा था, साथ ही मरीजों के साथ रहने वाले परिजन भी इन सर्पों की उपस्थिति को देखते हुए परेशान रहते थे। ऐसे में अब अस्पताल को पूरी तरह से सुरक्षित करने के लिए तैयारी कर ली गई है। वहीं बताया जाता है कि जैसे ही बरसात शुरू होता है तो पहाड़ के नजदीक अस्पताल होने के कारण यहां हर हमेशा सर्प व अन्य जहरीले जीव अस्पताल भवन को ही अपना ठिकाना बना लेते हैं, इससे स्टाफ को भी काफी दिक्कत होती है।



