सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के ग्राम विश्वासपुर स्थित ‘श्री श्री राधामाधव मंदिर’ में अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर परम पूज्य गुरु श्री नरसिंह दास जी महाराज के सान्निध्य में यज्ञ, हवन एवं विशेष पूजन-अर्चन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान आश्रम समिति के अध्यक्ष श्री कुशल प्रसाद पटेल (रघुनाथ) एवं उनकी धर्मपत्नी रहे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रभु श्री राधा-कृष्ण एवं श्री चैतन्य महाप्रभु से समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर अखण्ड श्री हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न कीर्तन मंडलियों द्वारा ‘भज- श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानंद’, जप- ‘हरे कृष्ण हरे राम श्री राधे गोविंद’ के पावन नामों का जप, गायन, वादन,नृत्य के साथ संकीर्तन किया गया। संपूर्ण मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। कार्यक्रम में पहुंचे सभी श्रद्धालुओं के लिए बालभोग एवं अन्न महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी। इस पावन धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में हरिनाम संकीर्तन भक्तगण एवं श्रद्धालुजन उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
पुरुषोत्तम मास की महत्ता
हिंदू धर्म में अधिकमास को ही पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। यह मास भगवान श्री विष्णु के पुरुषोत्तम स्वरूप को समर्पित है और इसे अत्यंत पवित्र एवं पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब अन्य महीनों ने अधिकमास को स्वीकार नहीं किया, तब भगवान श्री विष्णु ने इसे अपना नाम देकर ‘पुरुषोत्तम मास’ का सम्मान प्रदान किया। तभी से यह मास विशेष रूप से भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की आराधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इस मास में जप, तप, दान, व्रत, पूजा-पाठ, श्रीमद्भागवत श्रवण, हरिनाम संकीर्तन, गीता पाठ एवं भगवान श्री राधा-कृष्ण की भक्ति करने से अनेक गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि पुरुषोत्तम मास में किए गए शुभ कर्मों से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है, जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है तथा भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सनातन परंपरा में यह महीना आत्मशुद्धि, भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर माना जाता है। इसलिए श्रद्धालुजन इस पूरे माह में भगवान के नाम-स्मरण, सत्संग, कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों में बढ़-चढक़र भाग लेते हैं और अपने जीवन को धर्ममय बनाने का प्रयास करते हैं।
अधिकमास ‘पुरुषोत्तम मास’ के पावन अवसर पर श्री श्री राधामाधव मंदिर में यज्ञ, हवन एवं अखण्ड हरिनाम संकीर्तन का आयोजन



