नारायणपुर। भागलपुर स्थित बीटीआई ग्राउंड शुक्रवार को मुंडा समाज की एकजुटता, सामाजिक चेतना और संगठनात्मक ताकत का केंद्र बन गया। भारत मुंडा समाज छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय मुंडा समाज सम्मेलन सह युवा सम्मेलन में छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से हजारों की संख्या में समाजजन शामिल हुए। विशाल जनसमूह की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि संख्या भले कम हो, लेकिन संगठन और एकता के मामले में मुंडा समाज किसी से पीछे नहीं है। सम्मेलन की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, अध्यक्षता कर रहे नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव तथा झारखंड, पश्चिम बंगाल और जशपुर से पहुंचे समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों का पारंपरिक स्वागत किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। प्रदेश अध्यक्ष शंकर राम बरला ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मुंडा समाज की आबादी अपेक्षाकृत कम है, लेकिन समाज की एकता और सामाजिक चेतना उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करना, सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और गांव-गांव में संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में समाज का प्रदेश कार्यालय भागलपुर बरटोली चांगों बस्ती में एक छोटे खपरैल भवन से संचालित हो रहा है, जबकि समाज लंबे समय से एक स्थायी सामाजिक भवन की मांग कर रहा है। शंकर राम बरला ने बताया कि सामाजिक भवन निर्माण के लिए जमीन आवंटन का आवेदन प्रशासन को सौंपा जा चुका है, जो अंतिम प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि जमीन उपलब्ध होने पर सांसद द्वारा 11 लाख रुपए और विधायक रायमुनि भगत द्वारा 10 लाख रुपए भवन निर्माण के लिए देने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस महत्वपूर्ण मांग को शीघ्र पूरा कराने में सहयोग की अपील की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए यश प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि राजपरिवार और मुंडा समाज का संबंध कई पीढिय़ों पुराना है। समाज की समस्याओं के समाधान और उसके विकास के लिए वे हमेशा सहयोग करते रहेंगे। वहीं भारत मुंडा समाज झारखंड की राष्ट्रीय महासचिव नूतन पहान ने समाज की महिलाओं से शिक्षा, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना किसी भी समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। मुख्य अतिथि अरविंद भगत ने अपने संबोधन में मुंडा समाज की सामाजिक भवन की मांग को जायज बताते हुए कहा कि भूमि आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बीटीआई ग्राउंड के आसपास बड़ी संख्या में मुंडा जनजाति के लोग निवास करते हैं, इसलिए वे इस मैदान का नामकरण ‘भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम’ के रूप में कराने का प्रयास करेंगे। उनकी इस घोषणा के बाद पूरे पंडाल में तालियों की गडग़ड़ाहट गूंज उठी और समाजजनों ने खड़े होकर स्वागत किया।
सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में भारत मुंडा समाज छत्तीसगढ़ इकाई की गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा भी की गई। समीक्षा में पाया गया कि संगठन सामाजिक एकता और समाजहित के मुद्दों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। जमीन आवंटन सहित विभिन्न मांगों को लेकर किए गए प्रयासों की सराहना की गई। इसके बाद सर्वसम्मति से वर्तमान प्रदेश कार्यकारिणी का नवीनीकरण करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
सम्मेलन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भारत मुंडा समाज छत्तीसगढ़ इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन प्रमुख रहा। सर्वसम्मति से शंकर राम बरला को पुन: प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा मुनेश्वर बघेल को महासचिव, मुक्तेश्वर इंदवार एवं अरविंद मुंडा को उपाध्यक्ष, कृष्णा बरला को संगठन सचिव, महेंद्र बरला को कोषाध्यक्ष तथा प्रकाश मुंडा को कार्यालय सचिव नियुक्त किया गया। युवा समिति के अध्यक्ष के रूप में लेलेंद्र प्रधान तथा महिला समिति की अध्यक्ष के रूप में अनीता बरला को जिम्मेदारी सौंपी गई। दिनभर चले इस सम्मेलन में सामाजिक एकता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवाओं की भागीदारी और संगठन विस्तार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
चार राज्यों से पहुंचे हजारों समाजजनों की मौजूदगी, सामाजिक भवन और बिरसा मुंडा स्टेडियम को लेकर हुई महत्वपूर्ण घोषणाओं तथा संगठन के पुनर्गठन के साथ यह सम्मेलन जशपुर जिले में मुंडा समाज के सबसे बड़े और प्रभावशाली आयोजनों में दर्ज हो गया। समाज के लोगों का मानना है कि सम्मेलन में लिए गए निर्णय आने वाले वर्षों में मुंडा समाज को नई दिशा और नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुंडा समाज का महासम्मेलन : शंकर राम बरला फिर बने प्रदेश अध्यक्ष
बिरसा मुंडा स्टेडियम और सामाजिक भवन को लेकर हुई बड़ी घोषणाएं



