रायगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन द्वारा चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी ‘ढोल बजाओ, प्रबंधन जगाओ’ अभियान के तहत आज रायगढ़ क्षेत्र में कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्य अभियंता कार्यालय तक पैदल रैली निकाली। ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ पहुंचे कर्मचारियों ने विद्युत कंपनी के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह के नाम मुख्य अभियंता मनीष तनेजा को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, ठेका प्रथा समाप्त करना, प्रीमियम रहित कैशलेस चिकित्सा सुविधा, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती, वेज रिवीजन कमेटी का गठन, समयाधीन पदोन्नति तथा तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के लिए करियर प्रोग्रेशन योजना लागू करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं।
अभियान में रायगढ़ सहित कोरबा, अंबिकापुर, बिलासपुर, जांजगीर एवं रायपुर से पहुंचे पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व अनिल द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यवेक्षक सम्मेलाल श्रीवास, मुख्य अतिथि ए.जे. सिंह, अभियान प्रभारी यू.एस. वर्मा एवं रितेश नागेश, विशिष्ट अतिथि यतींद्र गुप्ता, कोरबा सर्किल अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद यादव, कोरबा जनरेशन अध्यक्ष गेंदराम साहू सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
यह केवल प्रतीक नहीं, कर्मचारियों की पीड़ा की आवाज है
विशिष्ट अतिथि यतींद्र गुप्ता ने कहा कि ढोल बजाना केवल प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि कर्मचारियों की पीड़ा और शोषण के खिलाफ उठी आवाज है। उन्होंने प्रबंधन से कर्मचारियों की समस्याओं पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। अभियान प्रभारी यू.एस. वर्मा ने कर्मचारियों की भारी उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंबिकापुर से शुरू हुआ यह आंदोलन अब रायगढ़ पहुंच चुका है और बस्तर तक जारी रहेगा। वहीं युवा प्रभारी रितेश नागेश ने कहा कि जब तक कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं होंगी, जनता यूनियन का संघर्ष जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि जनता यूनियन मई 2026 में प्रथम चरण के तहत प्रदेश के 65 से अधिक विधायक, सांसद और मंत्रियों को ज्ञापन सौंप चुकी है। अब दूसरे चरण में प्रदेशभर के मुख्य अभियंताओं और कार्यपालक निदेशकों को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नियमित, संविदा एवं ठेका श्रमिकों ने भाग लेकर संगठन की मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। रायगढ़ में आयोजित यह आंदोलन कर्मचारियों की एकता और अधिकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का बड़ा प्रदर्शन साबित हुआ।
सब्र का बांध टूट रहा है : अनिल द्विवेदी
मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर लगातार आश्वासन दिए गए, लेकिन आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी कर रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है और यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो यह आक्रोश बड़े आंदोलन का रूप लेगा।
6000 से अधिक पद रिक्त, भर्ती नहीं होने से बढ़ रही परेशानी
मुख्य अतिथि ए.जे. सिंह ने कहा कि कंपनी में 6000 से अधिक पद रिक्त हैं, लेकिन नियमित भर्ती नहीं हो रही है। इसका सीधा असर विद्युत व्यवस्था और कर्मचारियों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्रबंधन कर्मचारियों की बात नहीं सुन रहा है तो उसे जगाने के लिए ढोल बजाना आवश्यक हो गया है।



