रायपुर। पंडरी स्थित सिटी सेंटर मॉल के सामने एक्सप्रेस-वे में खोले गए नए रास्ते को लेकर विरोध तेज हो गया है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ देवेंद्र नगर थाना पहुंचे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए स्नढ्ढक्र दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि एक्सप्रेस-वे के सामने अवैध रूप से कट खोलकर यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। उपाध्याय ने कहा कि एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान ही यह स्पष्ट किया गया था कि सडक़ के दोनों ओर कोई नया रास्ता या कट नहीं खोला जाएगा, ताकि तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे और ट्रैफिक अव्यवस्था की स्थिति न बने।
उन्होंने दावा किया कि 5 दिसंबर 2017 को जारी सरकारी नोटिफिकेशन में भी इस तरह के कट पर रोक का उल्लेख है। इसके बावजूद पीडब्लूडी अधिकारियों ने तकनीकी मानकों को नजरअंदाज कर नया रास्ता खोल दिया। विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि इस फैसले से सडक़ दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच नया कट खुलने से जाम और हादसों की आशंका बढ़ेगी। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में कुछ क्कङ्खष्ठ अधिकारी, नियोजन विभाग के अफसर, निजी बिल्डर और भू-माफिया मिलकर नियमों को दरकिनार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव कुछ रसूखदार लोगों और निजी प्रोजेक्ट्स को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है। उपाध्याय ने कहा- कांग्रेस विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर नियम तोडक़र लोगों की जान जोखिम में डालना गलत है। एक्सप्रेस-वे जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर में इस तरह का कट खोलना गंभीर मामला है।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन अधिकारियों के निर्देश पर यह रास्ता खोला गया, उनके खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही एक्सप्रेस-वे के सामने बनाए गए रास्ते को तत्काल बंद करने की मांग भी की। कांग्रेस ने एक्सप्रेस-वे के मूल सर्वे, नक्शे और वर्तमान बदलावों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने मामले में कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस सडक़ पर आंदोलन करेगी। देवेंद्र नगर थाना पहुंचने वालों में कांग्रेस नेता दीपक मिश्रा, अन्नू राम साहू, प्रकाश जगत, सोमेन चटर्जी, विकास अग्रवाल, तारीख खान गिन्नी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर एफआईआर की मांग



