रायगढ़। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव में आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी के वित्तीय प्रबंधन को छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का कायाकल्प बताया। डॉ. सिंह ने कहा, कांग्रेस सरकार ने 5 साल में राजस्व संसाधनों का दुरुपयोग कर खजाना खाली कर दिया था। शराब, कोयला, रेत- हर जगह कमीशनखोरी थी।ओपी चौधरी जी ने आते ही वित्तीय अनुशासन का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ किया। नतीजा प्रदेश की जनता के सामने है। पटरी पर लौट रही अर्थव्यवस्था के संबंध में डॉ. रमन ने बड़े बदलाव के संबंध में कहा राजस्व में रिकॉर्ड तेजी से उछाल टैक्स संग्रहण के ईमानदार प्रयासों का नतीजा है। त्रस्ञ्ज, खनिज और आबकारी में टैक्स चोरी रोककर 2024-25 में राजस्व संग्रहण 15त्न से ज्यादा बढ़ा।. कांग्रेस राज में जो खनिज से अवैध वसूली होती थी, वो अब सीधे खजाने में आ रही है। कर्ज का बोझ कम करने का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कांग्रेस सरकार 1 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज छोड़ गई थी. ओपी चौधरी ने गैर-जरूरी खर्च काटकर राजकोषीय घाटा 3त्न के दायरे में रखा। सरकार बदलने के बाद बाजार से कम कर्ज लेना पड़ा। पूंजीगत व्यय में हुई बढ़ोतरी की जानकारी साझा करते हुए कहा सडक़, सिंचाई, स्कूल-अस्पताल बनाने के लिए पूंजीगत व्यय में 20त्न की बढ़ोतरी की गई. पहले वेतन-पेंशन में ही बजट खत्म हो जाता था। अब विकास की हरियाली सभी तरफ नजर आ रही है। ओपी के कुशल वित्तीय प्रबंधन से रुकी हुई ‘जल जीवन मिशन’, ‘प्रधानमंत्री आवास’ जैसी योजनाओं को ऑक्सीजन मिलना शुरू हो गया। केंद्रांश के साथ राज्यांश भी जारी होने से इन कार्यों को गति मिली है। तेंदूपत्ता बोनस, कृषक उन्नति योजना का भुगतान समय पर हो रहा है। कुशल वित्तीय प्रबंधन की वजह से सरकार के पारदर्शी निर्णयों से जनता का खोया भरोसा वापस लौटा। ई-ऑक्शन, ऑनलाइन रॉयल्टी, विभागों में पीएफएमएस लागू कर लीकेज बंद किया. निवेशकों का भरोसा बढ़ा, नई इंडस्ट्री आने का संकेत है कि सरकार पारदर्शी निर्णय ले रही है। डॉक्टर रमन ने कहा ओपी चौधरी ने साबित कर दिया कि नीयत साफ हो तो नीति भी काम करती है।. आज कर्मचारी को समय पर वेतन, किसान को समय पर भुगतान और ठेकेदार को समय पर बिल मिल रहा हैयही पटरी पर लौटी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि ओपी चौधरी द्वारा पेश किए गए बजट में जीवाईएएन से गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी के बजट से छत्तीसगढ़ 2047 तक विकसित राज्य बनेगा।



