रायगढ़। जिले में 17 वर्षीय युवक की हत्या मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शराब पीने के दौरान चखना के लिए आम तोडक़र लाने की बात पर विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपियों ने युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की। मारपीट के दौरान युवक खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब की ओर गिर पड़ा, जिससे गंभीर चोट लगने पर उसकी मौत हो गई। मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के मुताबिक, 25 मई को ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार स्थित बरगद पेड़ के नीचे एक किशोर का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। मृतक की पहचान ग्राम बरभौना निवासी 17 वर्षीय शिव राठिया के रूप में हुई। मृतक के बड़े भाई ने पुलिस को बताया कि 24 मई की सुबह गांव का ऋषि डनसेना उसे अपनी पल्सर बाइक पर बैठाकर काम कराने ले गया था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। अगले दिन सुबह युवक का शव बरगद पेड़ के नीचे मिला। शव के सीने, आंख और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट के निशान पाए गए, जिससे हत्या की आशंका जताई गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मौत की प्रकृति हत्यात्मक (होमोसाइडल) पाए जाने पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
फोन पर सुनाई दी मारपीट की आवाज
जांच के दौरान पुलिस ने ऋषि डनसेना से पूछताछ की। उसने बताया कि घटना वाले दिन उसने मृतक को अपने साथियों चन्द्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना (22), रघुनाथ उर्फ रघु सिंह राठिया (30) और एक नाबालिग के पास छोड़ दिया था। ऋषि ने पुलिस को बताया कि बाद में जब उसने चन्द्रशेखर को फोन किया तो फोन पर झगड़ा, मारपीट और चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। उसने फोन पर ही झगड़ा बंद करने के लिए कहा था। पुलिस ने संदेहियों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, घटना वाले दिन सभी साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान चखना के लिए आम तोडक़र लाने की बात को लेकर शिव और चन्द्रशेखर के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया और तीनों आरोपियों ने युवक के साथ हाथ-मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की।
खेत की मेड़ से गिरने पर हुई मौत
मारपीट के दौरान युवक खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब की ओर गिर पड़ा। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को उठाकर बरगद पेड़ के नीचे चित अवस्था में लिटा दिया, ताकि मामला दुर्घटना जैसा लगे। बाद में जब ऋषि डनसेना ने युवक के बारे में पूछा तो आरोपियों ने झूठ बोलते हुए कहा कि वह खाना-पीना कर अपने घर चला गया है। पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल ले जाकर घटना का रिक्रिएशन कराया और उनके बयान के आधार पर घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त किए। मामले में सामूहिक रूप से हत्या कर साक्ष्य छिपाने का प्रयास पाए जाने पर धारा 238 और 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। गिरफ्तार आरोपियों और विधि से संघर्षरत बालक को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि हत्या, गंभीर अपराध और कानून व्यवस्था बिगाडऩे वाले तत्वों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अपराध कर साक्ष्य छिपाने की कोशिश करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।



