रायगढ़। जिला कलेक्टोरेट परिसर में आयोजित जनदर्शन में आज जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए कई मामलों में तत्काल जांच के निर्देश दिए तथा संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने कहा। जनदर्शन में सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, श्रमिक कल्याण, राजस्व, कृषि, खनिज एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़े अनेक आवेदन प्राप्त हुए।
ग्राम धौराभाठा के 89 वर्षीय घासीराम साहू ने आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि वर्ष 2002 की सर्वे सूची में नाम दर्ज नहीं होने के कारण वे एवं उनकी पत्नी आज तक सामाजिक पेंशन योजना के लाभ से वंचित हैं। वृद्धावस्था में आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे दंपत्ति की समस्या को देखते हुए कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग को पात्रतानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। महापल्ली निवासी श्रीमती सावित्री उरांव ने बताया कि उन्होंने नक्शा बटांकन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस पर कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम को प्रकरण का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कुडुमकेला क्षेत्र के मजदूर कल्याण संघ से जुड़े श्रमिकों ने जनदर्शन में पहुंचकर मजदूरी वृद्धि की मांग रखी। श्रमिकों ने बताया कि वे जामपाली खुली खदान में कोयला लोडेड ट्रकों में लेवलिंग एवं तिरपाल लगाने का कार्य करते हैं। वर्ष 2022 से समिति द्वारा निर्धारित मजदूरी दर पर ही भुगतान किया जा रहा है, जो वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप काफी कम है। कलेक्टर ने संबंधित कंपनी प्रबंधन को नियमानुसार मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने तथा श्रमिकों की मांगों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। उच्चभि_ी निवासी बालेश्वर चंदा ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत रायगढ़ के एक निजी अस्पताल के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि मरीज को दबावपूर्ण परिस्थितियों में समयपूर्व डिस्चार्ज किया गया तथा उपचार के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूली गई। साथ ही बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरतने की बात भी कही। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
ग्राम तेंदुमुड़ी के ग्रामीणों ने कुरकुट नदी में अवैध रेत खनन की शिकायत करते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार अवैध उत्खनन से नदी का स्वरूप प्रभावित हो रहा है। इस पर कलेक्टर ने जिला खनिज अधिकारी को स्थल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं बंगुरसिया क्षेत्र के कृषकों ने सेवा सहकारी समिति में पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज एवं किसान क्रेडिट कार्ड राशि उपलब्ध कराने की मांग रखी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने कहा। इसके अतिरिक्त जनदर्शन में अतिक्रमण हटाने, बिजली समस्या, लंबित भुगतान, सीमांकन, सडक़ एवं सीसी रोड निर्माण स्वीकृति सहित विभिन्न जनसमस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने सभी मामलों में नियमानुसार जांच एवं आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मांड नदी में भी रेत माफियाओं का आतंक
कुरकुट नदी के अलावा मांड नदी में भी रेत खनन माफियाओं का आतंक अनवरत जारी है। कुरकुट नदी से जहां ट्रैक्टरों व डंफरों से रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है तो वहीं मांड नदी से हाईवा भर-भरकर रेत की तस्करी कर आसपास ही नहीं बल्कि जिला मुख्यालय तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही उद्योगों में भी भारी मात्रा में रेत को खपाया जा रहा है। कृषि कार्य के नाम से चलने वाले ट्रैक्टरों का उपयोग रेत-गिट्टी की अवैध ढुलाई में कृषि कार्य से ज्यादा किया जा रहा है। ऐसी बात नहीं कि यह गोरखधंधा खनिज विभाग की जानकारी में न हो। खुलेआम शहर व गांव में रेत व गिट्टी से भरी दौड़ रही ट्रैक्टरों को आखिर इस क्राइसेस के दौर में डीजल कहां से उपलब्ध हो रहा है।
एक तरफ रवि फसल के नाम किसान डीजल को लेकर हाय तौबा मचा रखे हैं तो वहीं रेत माफियाओं को ट्रैक्टरों में बड़ी आसानी से पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध हो रहा है। कुल मिलाकर यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि खनिज विभाग की सरपरस्ती में यह अवैध कारोबार फल-फुल रहा है। खाना-पूर्ति के नाम पर दो-चार ट्रैक्टरेां को पकडक़र यह विभाग अपनी पीछ थपथपाने से भी बाज नहीं आता है।
कुरकुट व मांड नदी बना रेत खनन माफियाओं का अड्डा, कलेक्टर के जनदर्शन तक पहुंची शिकायत
निजी अस्पताल ने आयुष्मान योजना में की अतिरिक्त वसूली, श्रमिकों ने लगाई मजदूरी वृद्धि की गुहार



