रायगढ़। रविवार शाम राजमार्ग की सडक़ों पर घोष की थाप और कदमों की कदमताल गूंज उठी, जब सैकड़ों स्वयंसेवक अनुशासित पथ संचलन करते हुए निकले. यह आयोजन वैदिक इंटरनेशनल स्कूल, पटेल पाली में चल रहे ‘संघ शिक्षा वर्ग’ के अभ्यास के तहत किया गया था। 150 स्वयंसेवकों ने संगठनात्मक एकता का अदभुत प्रदर्शन किया। इस पथ संचलन में छत्तीसगढ़ प्रांत के विभिन्न जिलों से आए लगभग 150 स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में भाग लिया. 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के इन स्वयंसेवकों के अनुशासित कदमों ने संगठनात्मक भावना और सांस्कृतिक पहचान का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। यह पंथ संचलन कोड़ातराई से वैदिक स्कूल तक हुआ। शाम 7 बजे शुरू हुआ पथ संचलन कोड़ातराई स्कूल मार्ग से होते हुए वापस वैदिक इंटरनेशनल स्कूल में संपन्न हुआ। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर और चौराहों पर बड़ी संख्या में नगरवासी अनुशासित संचलन देखने के लिए एकत्र हुए। लोगों ने आत्मीय भाव से पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
आयोजन के संबंध में बताया गया कि ‘संघ का मतलब अनुशासन है और देश के प्रति निष्ठा और समर्पण है, जो इतनी भीषण गर्मी में भी स्वयंसेवक 15 दिन के प्रशिक्षण वर्ग में सीख रहे हैं.’
सुबह 4 बजे से देर शाम तक चलता है प्रशिक्षण
‘संघ शिक्षा वर्ग’ संघ के संगठनात्मक ढांचे में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण है, जिसका उद्देश्य संगठनात्मक विकास और नेतृत्व क्षमता का निर्माण करना है. प्रतिभागियों का दैनिक कार्यक्रम सुबह 4 बजे से शुरू होकर देर शाम तक चलता है।वर्ग में शाखा संचालन, संगठनात्मक सिद्धांत, समकालीन राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा तथा सामाजिक जागरूकता और समाज परिवर्तन से जुड़ी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है।संघ शिक्षा वर्ग में 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण, सुबह 4 बजे से रात तक दिनचर्या, शारीरिक- बौद्धिक- संगठनात्मक प्रशिक्षण पर जोर दिया जाता है।



