जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम भंवतरा में गुरुवार की सुबह हुए चौहरे हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। थाना शिवरीनारायण के अंतर्गत पुलिस सहायता केंद्र राहौद क्षेत्र के इस गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की धारदार हथियार से बेरहमीपूर्वक हत्या कर दी गई। घटना के बाद गांव में दहशत और मातम का माहौल है।
पुलिस के अनुसार, गुरूवार की सुबह जैसे ही ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली, इलाके में सनसनी फैल गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही थाना शिवरीनारायण पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप स्वयं घटनास्थल पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए, जिसके बाद पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से खुला हत्या का राज
जांच के दौरान पुलिस को परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद की जानकारी मिली। पुलिस ने मृतक मेदनीराम कश्यप (70) के पुत्र सोनसाय कश्यप और उसके बेटे गोलू कश्यप को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों के जवाब संदिग्ध पाए गए। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें दोनों ने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि जमीन बंटवारे और पारिवारिक विवाद को लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था, जो आखिरकार खूनी संघर्ष में बदल गया।
जेल से छूटने के बाद फिर शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी सोनसाय कश्यप का आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2009 में उसने अपने छोटे भाई पुनाऊराम की हत्या की थी, जिसके मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। करीब दो वर्ष पहले जेल से रिहा होकर गांव लौटने के बाद उसका अपने पिता मेदनीराम कश्यप के साथ जमीन को लेकर लगातार विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि मृतक मेदनीराम द्वारा पूर्व में आरोपी के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी। बावजूद इसके, परिवार के भीतर तनाव कम नहीं हुआ और आखिरकार यह विवाद चार जिंदगियां लील गया।
चौहरे हत्याकांड से गांव में पसरा मातम, लोग सहमे
एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या की खबर से पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक परिवार के भीतर लंबे समय से विवाद जरूर था, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि मामला इतनी भयावह घटना तक पहुंच जाएगा। घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग घरों के बाहर समूह में खड़े होकर इस दर्दनाक वारदात की चर्चा करते नजर आए। महिलाओं और बुजुर्गों की आंखों में भय साफ दिखाई दिया।
पुलिस कर रही पिता-पुत्र से आगे की पूछताछ
पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे विस्तृत पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई तथा वारदात में किन हथियारों का इस्तेमाल हुआ। फिलहाल पूरे मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के हर पहलू को गंभीरता से परखा जा रहा है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके। वहीं गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
यह है पूरा मामला
बताया जा रहा है कि मेदनी प्रसाद कश्यप (70) अपनी पत्नी कांति बाई कश्यप (65), नातिन मोगरा कश्यप (25) और नाती पीतांबर कश्यप (17) के साथ ग्राम भंवतरा में रहते थे। इन्होंने बुधवार की रात सपरिवार भोजन किया। इसके बाद सभी सो गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह रात उनकी जिंदगी की आखिरी रात बन जाएगी। ग्रामीणों के मुताबिक, देर रात हमलावर घर में घुसे और सो रहे परिवार पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले इतने बेरहम थे कि चारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। सुबह जब आसपास के लोगों को घर से कोई हलचल सुनाई नहीं दी तो उन्हें शक हुआ। ग्रामीण जब घर के भीतर पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर उनकी रूह कांप उठी। घर के अंदर चारों शव खून से लथपथ पड़े थे। चारों तरफ खून बिखरा हुआ था और पूरा घर चीखती खामोशी में डूबा हुआ था।



