रायपुर। कस्टम मिलिंग में लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने कलेक्ट्रेट में राइस मिलर्स की बैठक लेकर खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के तहत चावल जमा करने की स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि कई राइस मिलर्स ने भारतीय खाद्य निगम और नागरिक आपूर्ति निगम में तय मात्रा में कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं किया है। इस पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 74 राइस मिलर्स को ब्लैकलिस्ट में डालने की चेतावनी दी है और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अपर कलेक्टर ने कहा कि शासन ने चावल जमा करने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल 2026 तय की है। इस समय सीमा तक चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अनुबंध के अनुसार धान उठाव के अनुपात में चावल जमा नहीं करना नियमों का उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दंडनीय है।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सूची में शामिल ऐसे 10 राइस मिल, जिन पर सबसे ज्यादा चावल जमा करना बाकी है, मौके पर जाकर उनका भौतिक सत्यापन किया जाए। अगर जांच में धान की कमी पाई जाती है, तो संबंधित मिलर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही जिला विपणन अधिकारी को निर्देश दिया गया कि 30 अप्रैल तक चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स से 1 मई 2026 से बैंक गारंटी के जरिए राशि की वसूली की जाए। बैठक में जिला खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा सहित खाद्य विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
74 राइस मिलर्स को ब्लैकलिस्ट की चेतावनी
कस्टम मिलिंग में लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस जारी



