रायगढ़। जिले में पुलिस सट्टा और जुआ के खिलाफ ऑपरेशन अंकुश चला रही है। इसके तहत शहर के दो बड़े सट्टा खाईवालों ने सरेंडर कर दिया। दोनों के खिलाफ पहले से थानों में केस दर्ज थे और वे फरार थे। सरेंडर के बाद उन्होंने दोबारा सट्टा नहीं चलाने की बात कही है।

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस के ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत जुआ-सट्टा के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान में सट्टा लिखने वालों के साथ-साथ पहली बार बड़े खाईवालों पर भी कार्रवाई हो रही है। इसी दबाव के चलते फरार चल रहा आरोपी हेमराज बरैठ उर्फ पप्पू बरैठ ने बुधवार को स्स्क्क शशि मोहन सिंह के सामने आकर सरेंडर कर दिया। एसएसपी ने उसे समझाइश दी कि वह अवैध काम छोडक़र समाज की मुख्य धारा में जुड़ें। वहीं, एक दिन पहले मंगलवार को मोहम्मद शाहनवाज मलिक उर्फ शानू ने भी कोतवाली थाने में जाकर सरेंडर किया।
थानों में कई अपराध दर्ज
हेमराज बरेठ उर्फ पप्पू बरेठ (34 साल), निवासी कबीर चौक का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। साल 2023 में उसके खिलाफ चक्रधरनगर थाने में सट्टा के दो मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद 2024 और 2025 में जूटमिल थाने में एक-एक मामला दर्ज किया गया। साल 2026 में कोतवाली और पुसौर थाने में भी सट्टा मामलों में उसका नाम सामने आया। इसके बाद से वह फरार चल रहा था। बताया जा रहा है कि उसके पिता कंगालू बरेठ भी सट्टा कारोबार से जुड़े रहे हैं, जिनके खिलाफ जूटमिल थाने में 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
आरोपी को रिमांड में जेल भेजा
आरोपी मोहम्मद शाहनवाज मलिक उर्फ शानू (36 साल), निवासी मधुबनपारा के खिलाफ इस साल कोतवाली थाने में जुआ अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत चार मामले दर्ज किए गए हैं। पहले गिरफ्तार आरोपी नरेंद्र दीप (बापूनगर निवासी) ने बताया था कि वह शानू और उसके साले एजाज खान के लिए कमीशन पर सट्टा लिखता था। इस मामले में एजाज खान अभी फरार है। कोतवाली पुलिस ने शानू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया है।
अवैध गतिविधियों की पुलिस को सूचना दें
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जुआ-सट्टा जैसे अवैध कार्य न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करते हैं। रायगढ़ पुलिस ऐसे अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। लोगों से अपील है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों से दूर रहें और इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। ताकि समय रहते कड़ी कार्रवाई की जा सके।



