रायगढ़। जिले में पुलिस ने उठाईगिरी गैंग के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो कि बैंक से पैसे निकालने वालों को निशाना बनाते थे। जांच में सामने आया कि आरोपी ने मध्य प्रदेश और ओडिशा में भी कई उठाईगिरी की वारदात को अंजाम चुका है। फिलहाल पुलिस फरार साथी की तलाश कर रही है।
जानकारी के मुताबिक लैलूंगा थाना क्षेत्र में जनवरी माह में बुधवारी बाजार और टीवीएस शोरूम के पास बाइक की डिक्की से उठाईगिरी हुई थी। इसके बाद स्टेट बैंक शाखा लैलूंगा के पास लगातार दो उठाईगिरी की वारदात सामने आईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज की। पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए जांच शुरू की, जिसके आधार पर जशपुर जिले के ग्राम शिवपुरी निवासी अरविंद प्रताप (40) और मध्य प्रदेश के अनूपपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भलगढ़ निवासी ओमप्रकाश उर्फ बच्चा सिसोदिया (45) की पहचान हुई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अरविंद प्रताप को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से बिना नंबर की होंडा साइन बाइक, पेचकस और डुप्लीकेट चाबी भी बरामद की गई। पुलिस ने जब अरविंद से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह अपने साथी ओमप्रकाश उर्फ बच्चा सिसोदिया के साथ मिलकर मध्य प्रदेश के अनूपपुर, शहडोल, ओडिशा के सुंदरगढ़ और झारसुगुड़ा में पिछले एक वर्ष के भीतर 10 से 12 जगह उठाईगिरी, लूटपाट और चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। आरोपी ने जशपुर जिले में भी उठाईगिरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
बैंक से लेन-देन के दौरान रहे सर्तक
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय इस प्रकार के संगठित अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि बैंक से लेन-देन के दौरान विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
लैलूंगा क्षेत्र में कई वारदात को दिया अंजाम
अरविंद ने बताया कि लैलूंगा क्षेत्र में जनवरी 2026 में घरघोड़ा रोड पर एक गैरेज के सामने खड़ी बाइक की डिक्की से 2 लाख 15 हजार रुपए की चोरी की गई थी। इसके अलावा जनवरी 2026 में बुधवारी बाजार लैलूंगा के पास खड़ी एक बाइक की डिक्की से 40 हजार रुपए चोरी किए गए। वहीं अप्रैल 2026 में दीवान होटल लैलूंगा के पास खड़ी एक लाल रंग की कार का कांच लोहे के पेचकस से तोडक़र उसके अंदर रखे 59 हजार रुपए भी चुरा लिए गए। इसी तरह अप्रैल 2026 में ही अग्रसेन चौक के पास खड़ी एक बाइक की डिक्की से 50 हजार रुपये की चोरी की घटना को भी अंजाम देना स्वीकार किया है।
चोरी के बाद रकम को आपस में बांटते थे
अरविंद ने पूछताछ में बताया कि वह अपने साथी ओमप्रकाश के साथ बैंक और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के आसपास सक्रिय रहते थे। वे बैंक से रुपए निकालने वाले लोगों की रेकी करते थे। जैसे ही मौका मिलता, वाहन खड़ा कर लोगों का ध्यान भटकने पर पेचकस और डुप्लीकेट चाबी की मदद से बाइक की डिक्की खोल लेते थे या कार का शीशा तोडक़र उसमें रखी नकदी चोरी कर लेते थे। वारदात के बाद चोरी की रकम आपस में बांट ली जाती थी। इसी रकम से आरोपी ने एक होंडा साइन मोटरसाइकिल भी खरीदी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं फरार आरोपी की तलाश जारी है।



